नोएडा से बाइक चोरी कर बदायूं तक सप्लाई करने वाला गिरोह पकड़ा, तीन शातिर गिरफ्तार
नोएडा पुलिस ने बाइक चोरी की बढ़ती घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। सेक्टर-113 थाना पुलिस ने सेक्टर-123 इलाके से तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो नोएडा और दिल्ली-एनसीआर से बाइक चोरी कर उन्हें बदायूं में बेचते थे। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 9 चोरी की बाइक और एक स्कूटी के पार्ट्स बरामद किए हैं। बुधवार को तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज से खुली चोरी की परतें
डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि सेक्टर-113 थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से बाइक चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। इसको लेकर कई मामले दर्ज किए गए थे। घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
चोरी की फिराक में घूमते समय दबोचे गए आरोपी
पुलिस को सूचना मिली कि तीनों आरोपी एक बार फिर सेक्टर-123 इलाके में बाइक चोरी की फिराक में घूम रहे हैं। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फूल सिंह (निवासी गांव बबराला, जिला संभल), राजेन्द्र और राजपाल उर्फ भोला (दोनों निवासी जिला बदायूं) के रूप में हुई है।
मास्टर चाबी और शॉर्ट सर्किट से करते थे चोरी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पहले भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी करते थे। इसके बाद मास्टर चाबी से बाइक खोलकर चोरी कर लेते थे। अगर बाइक मास्टर चाबी से नहीं खुलती थी तो लॉक तोड़कर शॉर्ट सर्किट के जरिए उसे स्टार्ट कर लेते थे। चोरी के बाद वे मुख्य सड़कों और टोल प्लाजा से बचते हुए कच्चे रास्तों और ग्रामीण इलाकों से बाइक को बदायूं ले जाते थे, ताकि पुलिस की नजर से बचे रह सकें।
बदायूं में ऑन-डिमांड बिकती थीं बाइक और पार्ट्स
आरोपी चोरी की बाइक को या तो पूरी हालत में ऑन-डिमांड बेच देते थे या फिर उनके पार्ट्स खोलकर कबाड़ियों को सप्लाई कर देते थे। पूछताछ में सामने आया है कि तीनों ने मिलकर अब तक 20 से ज्यादा वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। बरामद 9 बाइक भी वे बेचने की फिराक में थे।
नौकरी की तलाश में आए, बन गए वाहन चोर
आरोपियों ने बताया कि वे करीब एक साल पहले नौकरी की तलाश में नोएडा आए थे, लेकिन काम न मिलने के कारण तीनों ने मिलकर बाइक चोरी की साजिश रची। गिरोह का सरगना फूल सिंह बताया जा रहा है, जिसने पूरा प्लान तैयार किया था। राजेन्द्र और राजपाल की जिम्मेदारी चोरी की गाड़ियों को बदायूं में खपाने की थी।
कम उम्र और कम पढ़ाई बनी अपराध की वजह
एडीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि फूल सिंह की उम्र 22 साल है और वह 9वीं तक पढ़ा है। राजेन्द्र 20 साल का है और अनपढ़ है, जबकि राजपाल की उम्र भी 20 साल है और उसने 8वीं तक पढ़ाई की है। कम शिक्षा और रोजगार के अभाव के चलते तीनों अपराध की राह पर चल पड़े।
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य साथियों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इनका संबंध किसी बड़े वाहन चोरी गिरोह से तो नहीं है।