चीफ इंजीनियर के घर नौकर ने रची चोरी की साजिश, तीन आरोपी गिरफ्तार
लूट का नाटक करने के लिए नौकर ने खुद को ब्लेड मारी, कुर्सी से बंधवाया
नोएडा। दिल्ली जल निगम के चीफ इंजीनियर के सेक्टर-46 स्थित घर में हुई बड़ी चोरी का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। चोरी की इस वारदात को घर में काम करने वाले नौकर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। आरोपियों ने चोरी को लूट दिखाने के लिए फिल्मी अंदाज में साजिश रची और खुद को बंधक बनाकर घायल होने का नाटक किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
50 लाख के गहने और 1.5 लाख नकद उड़ाए
डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने बताया कि पीड़ित दिल्ली जल निगम में चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं और सेक्टर-46 में रहते हैं। वह 25 दिसंबर को परिवार के साथ मुंबई गए हुए थे। घर की सभी चाबियां घरेलू सहायक संदीप को सौंप दी गई थीं। इसी का फायदा उठाकर संदीप ने अपने गांव महोबा से दो साथियों को बुलाया और घर में रखे करीब 50 लाख रुपये से अधिक के गहने और 1.5 लाख रुपये नकद चोरी कर लिए।
लूट दिखाने के लिए खुद को बनाया बंधक
वारदात को लूट का रूप देने के लिए संदीप ने अपने साथियों से खुद को कुर्सी से बंधवाया और शरीर पर कई जगह ब्लेड से वार कर घायल हो गया। इसके बाद उसने खुद को कमरे में पड़ा रहने दिया। घटना के बाद उसने फोन कर मालिक को लूट की सूचना दी। इसके बाद पीड़ित के रिश्तेदार मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई।
जांच में नौकर पर गहराया शक
पुलिस ने जब जांच शुरू की तो घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए संदेह घरेलू सहायक पर गहराया। इसी दौरान संदीप मौके का फायदा उठाकर अपने गांव फरार हो गया। वापस लौटने पर पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में सारा मामला खुल गया। पुलिस ने संदीप के साथ उसके दो साथियों बाबू उर्फ ओमप्रकाश और लेखराज उर्फ साका को भी गिरफ्तार कर लिया।
आठ घंटे तक घर के अंदर रहे आरोपी
पुलिस के अनुसार संदीप ने वारदात से दो दिन पहले ही दोनों साथियों को बुला लिया था। आरोपी ग्राइंडर मशीन साथ लाए थे, जिससे घर की सभी अलमारियों के ताले काटे गए। तीनों करीब आठ घंटे तक घर के अंदर रहे। नौकर के साथ होने की वजह से किसी को शक नहीं हुआ।
सीसीटीवी डीवीआर भी उखाड़ ले गए
आरोपियों ने पहचान छुपाने के लिए घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी उखाड़ लिया था। हालांकि आसपास लगे कैमरों की फुटेज पुलिस के लिए अहम सबूत बनी। आरोपियों के पास से 1.21 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
गहने बेचकर कारोबार शुरू करने की थी योजना
पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपी कम पढ़े-लिखे हैं और चोरी के गहने बेचकर अपना खुद का कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे थे। संदीप पर पीड़ित परिवार का वर्षों से भरोसा था और वह 2017 से उनके घर में काम कर रहा था। इसी भरोसे का उसने फायदा उठाया।
पुलिस टीम को इनाम
मामले का 24 घंटे में खुलासा करने पर डीसीपी नोएडा ने आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।