ऑनलाइन 13 रुपये मांगकर बुजुर्ग दंपति से 23.50 लाख की साइबर ठगी, बिजली मीटर वेरिफिकेशन बना जाल
ग्रेटर नोएडा। साइबर ठगों ने बिजली मीटर वेरिफिकेशन के नाम पर एक बुजुर्ग दंपति से 23.50 लाख रुपये की बड़ी ठगी कर ली। ठगों ने पहले महज 13 रुपये का ऑनलाइन भुगतान कराने की कोशिश की और फिर पीड़ित का मोबाइल हैक कर बैंक खातों से लाखों रुपये निकाल लिए। मामले में साइबर थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एनपीसीएल कर्मचारी बनकर आया कॉल
ग्रेटर नोएडा के बीआरओ हाउसिंग सोसायटी, पॉकेट-4 निवासी 59 वर्षीय राकेश कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। 19 नवंबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एनपीसीएल (नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड) का कर्मचारी बताते हुए बिजली मीटर वेरिफिकेशन के नाम पर 13 रुपये का ऑनलाइन भुगतान करने को कहा। भुगतान न करने पर बिजली कनेक्शन काटने की धमकी भी दी गई।
लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हुआ हैक
ठग ने राकेश कुमार के मोबाइल पर एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक कर जब उन्होंने भुगतान करने की कोशिश की तो ट्रांजेक्शन फेल हो गया। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी विमलेश सिंह के बैंक खाते से भुगतान करने का प्रयास किया। इसी दौरान ठगों ने दंपति के मोबाइल फोन को हैक कर लिया और बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारियां हासिल कर लीं।
ईमेल पर आए लगातार ट्रांजेक्शन मैसेज
पीड़ित के मुताबिक, उसी दिन शाम को उनके ईमेल पर बैंक ट्रांजेक्शन के लगातार मैसेज आने लगे। जांच करने पर पता चला कि उनके एसबीआई बैंक खाते से 19.50 लाख रुपये और पत्नी के एचडीएफसी बैंक खाते से दो बार में कुल 4 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं। इस तरह कुल ठगी की रकम 23.50 लाख रुपये हो गई।
साइबर थाने में केस दर्ज
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और संबंधित बैंकों को भी सूचना दी। अब साइबर थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगों ने किस तरह मोबाइल हैक किया और पैसे किन खातों में ट्रांसफर किए गए।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। बिजली, गैस या किसी अन्य सरकारी सेवा के नाम पर भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और न ही छोटी रकम के भुगतान के बहाने दी जा रही धमकियों में आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को सूचना दें।