New Income Tax Bill 2025: अप्रैल 2026 से लागू होगा नया कानून, टैक्सपेयर्स के लिए क्या बदलेगा और आप पर क्या पड़ेगा असर
केंद्र सरकार ने इस साल टैक्सपेयर्स को कई बड़ी राहतें दी हैं। जहां एक ओर जीएसटी दरों में कटौती कर आम आदमी को राहत दी गई, वहीं अगस्त 2025 में न्यू इनकम टैक्स बिल 2025 को भी संसद से मंजूरी मिल गई। यह नया कानून अगले साल लागू होगा और इसका सीधा असर करोड़ों टैक्सपेयर्स पर पड़ेगा।
कब से लागू होगा नया इनकम टैक्स कानून?
न्यू इनकम टैक्स बिल 2025 को 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू किया जाएगा। यानी टैक्सपेयर्स को इसका लाभ वित्त वर्ष 2026-27 की ITR फाइलिंग के दौरान मिलेगा। जो लोग हर साल इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं, उनके लिए यह बदलाव बेहद अहम होंगे।
क्यों लाया गया New Income Tax Bill?
सरकार का कहना है कि मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट 1961 काफी पुराना हो चुका है। इसमें समय के साथ कई संशोधन हुए, जिससे कानून जटिल हो गया। इसी वजह से नया बिल लाकर टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और डिजिटल फ्रेंडली बनाने की कोशिश की गई है।
न्यू इनकम टैक्स बिल में क्या-क्या बदलेगा?
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टैक्स कानून की भाषा को सरल और स्पष्ट किया जाएगा
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Previous Year और Assessment Year की जगह Tax Year की अवधारणा लागू होगी
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CBDT को ज्यादा अधिकार मिलेंगे, जिससे डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा मिलेगा
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कानून को 536 धाराओं और 16 अनुसूचियों में व्यवस्थित किया गया है
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शून्य TDS सर्टिफिकेट की सुविधा मिलेगी
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डिविडेंड टैक्स में राहत के लिए Section 80M को दोबारा लागू किया जाएगा
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देर से ITR फाइल करने पर भी रिफंड में दिक्कत नहीं होगी
प्रॉपर्टी टैक्स डिडक्शन हुआ आसान
नए बिल में प्रॉपर्टी से जुड़े टैक्स लाभों को सरल किया गया है।
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म्युनिसिपल टैक्स के बाद 30% तक डिडक्शन
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प्री-कंस्ट्रक्शन इंटरेस्ट का लाभ खुद के मकान और किराये की प्रॉपर्टी दोनों पर
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लंबे समय से खाली या इस्तेमाल में न आने वाली बिजनेस प्रॉपर्टी पर टैक्स नहीं
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प्रोफेशनल यूज वाली प्रॉपर्टी को अलग श्रेणी में रखा जाएगा
पेंशन डिडक्शन में बड़ी राहत
अब Commuted Pension पर मिलने वाला डिडक्शन सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा।
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नॉन-इम्प्लॉइज (जैसे LIC से पेंशन लेने वाले लोग) को भी
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एकमुश्त पेंशन राशि पर टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलेगा
आम आदमी पर क्या होगा असर?
न्यू इनकम टैक्स बिल से टैक्स नियम समझना आसान होगा, रिफंड में देरी कम होगी और प्रॉपर्टी व पेंशन से जुड़े टैक्स लाभ बढ़ेंगे। कुल मिलाकर सरकार का फोकस टैक्स सिस्टम को सरल बनाकर टैक्सपेयर्स की परेशानी कम करने पर है।