शहर में बढ़ते कार फायर हादसे: CNG लीकेज और बाहरी बदलाव बन रहे आग की बड़ी वजह, एक्सपर्ट ने जारी की चेतावनी
शहर में लगातार सामने आ रही कार में आग लगने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते कुछ दिनों में कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें जान भी जा चुकी है। परिवहन विभाग और ऑटोमोबाइल तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि CNG गैस लीकेज और बाहरी कार मार्केट से कराए गए बदलाव कार में आग लगने की सबसे बड़ी वजह बन रहे हैं।
हालिया घटनाओं से बढ़ी चिंता
23 दिसंबर को सेक्टर-17 में मेट्रो लाइन के नीचे एक कार में अचानक आग लग गई। कार से धुआं उठता देख चालक बाहर निकल गया, जिससे उसकी जान बच गई। इससे पहले 15 दिसंबर को सोरखा गांव के पास एफएनजी रोड पर कार में आग लगने से एक पेंट कारोबारी की जलकर मौत हो गई थी। बीते 15 दिनों में लगभग रोज किसी न किसी इलाके से चलती कार में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं।
CNG कन्वर्जन में लापरवाही खतरनाक
सेक्टर-32A स्थित उप संभागीय परिवहन कार्यालय के अनुसार, शहर में बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल-डीजल वाहनों को CNG और कुछ मामलों में EV में कन्वर्ट करा रहे हैं। संभागीय निरीक्षक संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि CNG वाहनों की हर तीन महीने में लीकेज जांच बेहद जरूरी है। जरा सी चूक आग और बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
बाहरी मार्केट से बदलाव न कराएं
परिवहन विभाग और निजी कंपनियों के तकनीकी एक्सपर्ट का कहना है कि लोग सस्ते के चक्कर में बाहर की दुकानों से एसी, स्टीरियो, रिवर्स पार्किंग सेंसर और वायरिंग जैसे काम करवा लेते हैं। तकनीकी एक्सपर्ट ध्रुव के अनुसार, बिना प्रशिक्षण वाले मैकेनिक द्वारा की गई वायरिंग ढीली होने पर शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
गलत सर्विसिंग भी बनती है वजह
अधिकारियों के मुताबिक, फ्री सर्विस खत्म होने के बाद लोग बाहरी गैराज में वाहन की सर्विसिंग कराते हैं, जहां केवल तेल और फिल्टर बदलकर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है। इंजन, वायरिंग और फ्यूल सिस्टम की अनदेखी से वाहन हादसे का शिकार हो जाता है।
पहले भी हो चुके हैं दर्दनाक हादसे
पिछले वर्षों में भी शहर और आसपास के इलाकों में कार में आग लगने से कई दर्दनाक मौतें हो चुकी हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सर्विस सेंटर से ही वाहन में किसी तरह का बदलाव या मरम्मत कराएं, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।