शहर में बढ़ता प्रदूषण बना बीमारी की बड़ी वजह, अस्पतालों में मरीजों की संख्या दोगुनी

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सर्दी-खांसी से लेकर सांस की बीमारी तक बढ़ा खतरा, सबसे ज्यादा प्रभावित बुजुर्ग और बच्चे

शहर में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर अब आम लोगों की सेहत पर साफ नजर आने लगा है। सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि सरकारी अस्पतालों में ओपीडी की संख्या पहले के मुकाबले लगभग दोगुनी हो चुकी है। बुधवार को जिला अस्पताल में करीब 400 मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई, जबकि कुछ समय पहले तक यह आंकड़ा 200 के आसपास ही रहता था।

पीएम 2.5 बना सबसे बड़ा खतरा

जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रदीप शैलत ने बताया कि मौसम में बदलाव और बढ़ते प्रदूषण के कारण लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं। हवा में मौजूद पीएम 2.5 के बेहद महीन कण फेफड़ों के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। ये कण सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे गले में खराश, लगातार खांसी, सांस फूलना और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
डॉक्टरों के अनुसार बुजुर्ग, बच्चे और पहले से सांस की बीमारी से पीड़ित लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई मरीजों में खांसी दो से तीन हफ्तों तक ठीक नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही आंखों में जलन, सिरदर्द और थकान की शिकायत भी बढ़ी है।

निजी अस्पतालों में भी हालात चिंताजनक

जिला अस्पताल के अलावा जिले के अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। एलर्जी और इन्फेक्शन के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

 एक घर में तीन लोग बीमार

ग्रेटर नोएडा निवासी श्याम छाबड़ा बताते हैं कि उनके घर में चार में से तीन लोग बीमार हैं। यही हाल उनके भाई के घर का भी है, जहां पांच में से तीन लोग खांसी और गले की परेशानी से जूझ रहे हैं। करीब एक महीने से हालात ऐसे हैं कि लोगों को काम से छुट्टी लेनी पड़ रही है।

 बच्चों की पढ़ाई पर असर

सेक्टर-3 निवासी सुनीता देवी बताती हैं कि उनके दोनों बच्चे पिछले दो हफ्तों से खांसी और बुखार से परेशान हैं। स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। वहीं उनके पति, जो ऑटो चालक हैं, प्रदूषण के कारण सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं और उनकी खांसी ठीक नहीं हो पा रही।

 कामकाज भी हो रहा प्रभावित

एक निजी कंपनी में काम करने वाले अमित वर्मा का कहना है कि पिछले एक महीने से तबीयत खराब चल रही है। बार-बार छुट्टी लेनी पड़ रही है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है।

डॉक्टरों की सलाह

डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि

  • बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें

  • मास्क का नियमित उपयोग करें

  • साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखें

  • लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें

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