दिल्ली प्रदूषण पर मंत्री सिरसा की माफी: बोले— 9–10 महीने में समस्या खत्म करना संभव नहीं
प्रदूषण को लेकर दिल्लीवासियों से माफी
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजीत सिंह सिरसा ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर दिल्लीवासियों से माफी मांगी है। उन्होंने स्वीकार किया कि किसी भी सरकार के लिए नौ से दस महीनों में प्रदूषण को पूरी तरह खत्म करना असंभव है। मंत्री का कहना है कि प्रदूषण दिल्ली की एक पुरानी और गंभीर समस्या है, जिसका समाधान अल्पकाल में नहीं हो सकता।
मंत्री का बयान और जमीनी हकीकत
मंत्री सिरसा ने कहा,
“मैं दिल्ली के लोगों से माफी मांगता हूं। यह सच है कि 9–10 महीनों में प्रदूषण को पूरी तरह समाप्त करना किसी भी सरकार के लिए संभव नहीं है।”
उनका यह बयान एक ओर सरकार की सीमाओं को दर्शाता है, तो दूसरी ओर प्रदूषण नियंत्रण की जमीनी चुनौतियों को भी सामने लाता है।
आम आदमी पार्टी सरकार पर अप्रत्यक्ष निशाना
अपने बयान में मंत्री सिरसा ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर भी अप्रत्यक्ष रूप से हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने AAP सरकार की तुलना में हर दिन AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) कम करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।
यह बयान दिल्ली में प्रदूषण को लेकर जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को भी दर्शाता है, जहां सभी दल एक-दूसरे के कार्यकाल पर सवाल खड़े करते रहे हैं।
18 दिसंबर से सख्ती: बिना PUC नहीं मिलेगा ईंधन
मंत्री सिरसा ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कड़े कदमों की घोषणा भी की।
उन्होंने बताया कि 18 दिसंबर से राजधानी में बिना PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट के किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा।
वाहन चालकों के पास PUC बनवाने के लिए केवल आज और कल का समय बचा है।
नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई
मंत्री ने साफ किया कि नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।
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बिना नियम के कंस्ट्रक्शन मटेरियल लाने वाले ट्रकों को सीज किया जाएगा
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भारी जुर्माना लगाया जाएगा
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BS-6 मानक से नीचे के वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर अगले आदेश तक प्रतिबंध जारी रहेगा
प्रदूषण पर सख्ती जारी
सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य राजधानी की हवा को धीरे-धीरे बेहतर बनाना है। हालांकि मंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या का समाधान लंबे समय की नीति और निरंतर प्रयासों से ही संभव है।