तिहाड़ जेल की भीड़ कम करने के लिए नरेला में बनेगी हाई-सिक्योरिटी जेल: दिल्ली की मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का ऐलान, तिहाड़ की भीड़ होगी कम
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि उनकी सरकार न्यायिक ढांचे को मजबूत करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी कड़ी में दिल्ली की पहली हाई-सिक्योरिटी जेल नरेला में बनाई जाएगी, जिससे तिहाड़ जेल में बढ़ती भीड़ को कम करने में मदद मिलेगी।
न्यायिक सुधारों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोसाइटी ऑफ इंडियन लॉ फर्म्स (SILF) के मध्यस्थता केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि न्याय तक आसान पहुंच के बिना बेहतर जीवन संभव नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “जब तक न्याय आसानी से नहीं मिलेगा, तब तक जीवन की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो सकता।”
नई अदालतें और कोर्ट ब्लॉक होंगे तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि अदालतों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए नए कोर्ट ब्लॉक और अदालत कक्ष बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही फास्ट ट्रैक अदालतों को मजबूत करने और मौजूदा न्यायिक ढांचे के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है।
तिहाड़ जेल को बाहरी इलाके में शिफ्ट करने की योजना
दिल्ली सरकार तिहाड़ जेल को चरणबद्ध तरीके से शहर के बाहरी इलाके में स्थानांतरित करने की योजना पर भी काम कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, इससे जेल व्यवस्था पर दबाव कम होगा और कैदियों के प्रबंधन में सुधार आएगा।
नरेला जेल में होगी अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, नरेला में बनने वाली हाई-सिक्योरिटी जेल एक आधुनिक सुधारात्मक परिसर होगी। इसमें उन्नत निगरानी प्रणाली, अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। यह जेल विशेष रूप से उच्च सुरक्षा वाले कैदियों के लिए तैयार की जा रही है।
148.58 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार
अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के लिए लगभग 148.58 करोड़ रुपये का प्रारंभिक प्रस्ताव जेल महानिदेशक (प्रिज़न्स) को भेज दिया गया है। प्रस्तावित जेल में करीब 250 हाई-सिक्योरिटी सेल बनाए जाएंगे।
सरकार का लक्ष्य: तेज और सुलभ न्याय
दिल्ली सरकार का कहना है कि इन कदमों से न सिर्फ न्याय व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि कानून-व्यवस्था और सुधारात्मक प्रणाली में भी सुधार आएगा। सरकार का उद्देश्य आम नागरिक को तेज, सुलभ और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है।