नोएडा: ड्राइविंग लाइसेंस 25% कम, निजी सेंटरों पर सवाल
नोएडा। जिले में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। खास बात यह है कि यह गिरावट उस समय ज्यादा बढ़ी जब टेस्टिंग की जिम्मेदारी निजी टेस्टिंग सेंटरों को दे दी गई। पहले की तुलना में इस साल लाइसेंस आवेदनों में लगभग 25% की कमी दर्ज हुई है।
पिछले साल 24,206 लोगों ने नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया था, जबकि इस साल नवंबर तक केवल 17,558 लोगों ने आवेदन किया। इसका मतलब है कि करीब एक चौथाई लोग लाइसेंस बनवाने नहीं पहुंचे।
निजी टेस्टिंग सेंटरों पर बढ़ी शिकायतें
परिवहन विभाग के मुताबिक, निजी सेंटरों के कामकाज को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। लोगों का आरोप है कि इन सेंटरों पर मनमानी होती है—
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बिना कारण फेल कर देना
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अतिरिक्त पैसे मांगना
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टेस्ट प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी
हालांकि विभाग द्वारा की गई हालिया सख्ती के बाद स्थिति में कुछ सुधार देखा गया है।
विभागीय टेस्टिंग के समय संख्या मजबूत थी
जब लाइसेंस टेस्टिंग पूरी तरह विभाग के पास थी, तब लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या स्थिर और ज्यादा रहती थी।
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2023: 48,213 लाइसेंस बने
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2022: 44,892 लाइसेंस
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2021 (कोविड साल): 28,271
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2020: 32,195
लोगों का मानना है कि विभाग के पास रहते टेस्ट देना आसान और पारदर्शी था।
2024 में निजीकरण के बाद बड़ी गिरावट
वर्ष 2023 के अंत में टेस्टिंग की जिम्मेदारी निजी कंपनी को दी गई।
इसके बाद 2024 में लाइसेंस आवेदनों में लगभग 50% की गिरावट रिकॉर्ड की गई।
निजी सेंटरों पर लगने वाले आरोप—जैसे अतिरिक्त रकम की मांग और बिना वजह फेल करना—इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह माने जा रहे हैं।
विभाग की सख्ती के बाद सुधार शुरू
परिवहन विभाग ने 2025 की शुरुआत में निजी टेस्टिंग सेंटरों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी—
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अचानक निरीक्षण
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शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई
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टेस्टिंग प्रक्रिया पर सख्त नजर
इन कदमों का असर यह हुआ कि इस साल लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या थोड़ी बढ़ने लगी है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि आने वाले महीनों में स्थिति और बेहतर हो सकती है।