नोएडा में वोटर लिस्ट सुधार की रफ्तार तेज
एसआईआर अभियान में मतदाता और बीएलओ पर बढ़ा दबाव
नोएडा में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) अभियान ने वोटर लिस्ट अपडेट को लेकर तेजी ला दी है। समय सीमित होने के कारण मतदाता और बीएलओ दोनों ही कम समय में काम पूरा करने की कोशिश में दौड़ रहे हैं। जैसे परीक्षा के आखिरी दिनों में तैयारी तेज हो जाती है, ठीक वैसी ही स्थिति आज नोएडा में दिखाई दे रही है।
बीएलओ का काम बढ़ा, जिम्मेदारियां भारी
सेक्टर 122 के बीएलओ उपदेश तिवारी बताते हैं कि ज्यादातर लोग आखिरी समय में याद करते हैं कि उन्हें अपना नाम जोड़ना या सुधार कराना है। ऐसे में फॉर्म भरने की मांग अचानक बढ़ जाती है और बीएलओ को तेजी से काम करना पड़ता है।
कई बीएलओ को घर-घर जाकर फॉर्म देना, डेटा भरना, ऑनलाइन अपडेट करना, और साथ ही स्कूल या विभागीय काम भी संभालना पड़ रहा है। काम के बढ़ते बोझ से कुछ बीएलओ ने इस्तीफा तक दे दिया है।
सेक्टरों में कैंप, कॉल और मैसेज के जरिए जागरूकता
सेक्टर 44, 30, 108, 144, 105, 34, 19 आदि के आरडब्ल्यूए अध्यक्षों ने बताया कि सीमित समय के कारण वह तेज़ी से फॉर्म भरवाने में लगे हैं। कई सेक्टरों में कैंप लगाकर, लोगों को मैसेज और कॉल के जरिए बुलाया जा रहा है।
सेक्टर 19 के अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण ने बताया कि जो लोग अब तक नहीं आ पाए हैं उन्हें वह व्यक्तिगत रूप से कॉल कर रहे हैं। विदेशों में रहने वाले नागरिकों की भी पूरी मदद की जा रही है, ताकि वे वोटर सूची में अपना नाम अपडेट करवा सकें।
सबसे बड़ी समस्या—जागरूकता की कमी
अभी भी कई लोग सोचते हैं कि वोट डालने से क्या फर्क पड़ता है या उन्हें सरकारी प्रक्रियाएँ कठिन लगती हैं। इसी कारण वे फॉर्म भरने से बचते हैं, जिससे उनका नाम सूची में दर्ज नहीं हो पाता।
सेक्टर 122 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष डॉ. उमेश बताते हैं कि यदि नाम सूची में नहीं है या जानकारी गलत है, तो मतदान का अधिकार प्रभावित होता है। यह न केवल नागरिक के हक को नुकसान पहुंचाता है बल्कि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी असर डालता है।