इथियोपिया ज्वालामुखी का असर खत्म, राख का गुबार पूरी तरह भारत से बाहर: IMD
इथियोपिया में हाल ही में हुए ज्वालामुखी विस्फोट का असर भारत के कई राज्यों तक दिखाई दिया था। ज्वालामुखी से उठी राख का बड़ा गुबार हवा के साथ दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा तक पहुँच गया था। लेकिन अब भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राहत भरी खबर दी है कि यह राख का गुबार पूरी तरह भारत से बाहर निकल चुका है। IMD के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में हवा की दिशा और मौसम प्रणाली में हुए बदलाव से राख का प्लूम (धुआँ और राख का गुबार) उत्तर और पश्चिम के हिस्सों से हटकर देश की सीमा से बाहर चला गया है। विभाग ने कहा कि अब भारत के किसी भी हिस्से में इस ज्वालामुखीय राख का कोई प्रभाव नहीं दिखाई देगा।
ज्वालामुखी से उठी राख के भारत पहुँचने से कई राज्यों में आसमान धुंधला दिखाई दे रहा था और वायु गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई थी। कुछ इलाकों में हवा में धूलकणों की मात्रा अचानक बढ़ गई थी, जिससे लोगों को आँखों में जलन और सांस लेने में हल्की परेशानी जैसी समस्याएँ महसूस हुईं। विशेष रूप से दिल्ली और उसके आसपास के राज्यों में प्रदूषण स्तर पहले से ही ऊँचा था, ऐसे में ज्वालामुखी की राख ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया था। हालांकि IMD का कहना है कि यह प्रभाव अस्थायी था और अब स्थिति सामान्य हो रही है।
IMD ने यह भी बताया कि राख का गुबार ऊपरी हवा के स्तर पर मौजूद था और ज़मीन के नज़दीक इसका असर सीमित रहा। इस कारण व्यापक स्वास्थ्य खतरे की स्थिति नहीं बनी। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वालामुखीय राख लंबे समय तक न रुके, यह भारत के लिए राहत की बात है। विभाग ने साफ किया कि अब वायु गुणवत्ता और मौसम पर ज्वालामुखी का कोई सीधा प्रभाव नहीं है। राज्यों में सामान्य मौसम प्रक्रिया फिर से सक्रिय हो चुकी है। इथियोपिया ज्वालामुखी का प्रभाव खत्म होने के साथ ही देश में वायु गुणवत्ता और दृश्यता से जुड़ी परिस्थितियों में सुधार की उम्मीद की जा रही है।