गौतम गंभीर ने भविष्य BCCI पर छोड़ा कहा – भारतीय क्रिकेट बड़ा है… मैं नहीं
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 0-2 से हारने के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर एक बड़े बयान के कारण चर्चा में हैं। यह लगातार दूसरा मौका है जब भारत को घरेलू टेस्ट सीरीज में व्हाइटवॉश झेलना पड़ा है। गंभीर भारतीय क्रिकेट इतिहास में पहले ऐसे कोच बन गए हैं जिन्हें लगातार दो घरेलू सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा।
हार के बाद जब गंभीर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए तो कई तीखे सवाल पूछे गए। गंभीर शांत रहे और उन्होंने कहा कि उनके कोचिंग भविष्य का फैसला अब BCCI करेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा –
“भारतीय क्रिकेट महत्त्वपूर्ण है, मैं नहीं।“
दबाव बढ़ा, सवालों की बौछार
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 408 रनों की करारी हार के बाद आलोचना बढ़ गई। इससे पहले भारत न्यूजीलैंड से भी 0-3 से हारा था। गंभीर के कोचिंग दौर में भारत ने अब तक खेले गए 19 में से 10 टेस्ट मैच हारे, जिनमें से 7 में से 5 घरेलू मैच भी शामिल हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक था कि क्या गंभीर आगे भी कोच बने रहने के लिए सही विकल्प हैं?
इस पर गंभीर ने कहा—
“फैसला बोर्ड करेगा। टीम और क्रिकेट मेरे पद से ऊपर हैं।”
गंभीर ने ली हार की जिम्मेदारी
गंभीर ने कहा कि वे बहाने नहीं बनाएंगे। उन्होंने साफ कहा—
“मैं ट्रांजिशन शब्द पसंद नहीं करता। हार की जिम्मेदारी सबसे पहले मेरी है।”
उन्होंने बताया कि टीम युवा है, अनुभव कम है और उन्हें समय देने की जरूरत है।
“एक खिलाड़ी या एक शॉट को हार का कारण नहीं बताया जा सकता।”
गंभीर ने कोचिंग के दौरान मिली उपलब्धियों की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि लोग इंग्लैंड दौरे की जीत, चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप को भूल जाते हैं।
टीम चयन पर भी उठे सवाल
गंभीर पर आरोप है कि वे ऑलराउंडरों पर अधिक भरोसा करते हैं। इस पर उन्होंने अपनी सोच स्पष्ट करते हुए कहा—
“टेस्ट क्रिकेट केवल टैलेंट से नहीं, मजबूत इरादों से जीता जाता है। ऐसे खिलाड़ी ही लंबे समय तक टिकते हैं।”
हार के बाद गौतम गंभीर ने स्वीकार किया कि स्थिति चुनौतीपूर्ण है, लेकिन उन्होंने भविष्य का फैसला बोर्ड पर छोड़ते हुए साफ कर दिया कि वे भारतीय क्रिकेट को अपनी भूमिका से अधिक महत्त्व देते हैं।
आगे क्या होता है, यह BCCI तय करेगा —
पर गंभीर ने यह भी दिखा दिया कि जिम्मेदारी लेने से वह कभी पीछे नहीं हटते।