एसआईआर फॉर्म भरने की रफ्तार क्यों इतनी धीमी? अंतिम तारीख नज़दीक, फिर भी जागरूकता की कमी
दिल्ली-एनसीआर के कई सेक्टरों में एसआईआर (Summary Revision of Electoral Roll) फॉर्म भरने की रफ्तार बेहद धीमी चल रही है। नवंबर का अंतिम सप्ताह शुरू हो चुका है, फिर भी बड़ी संख्या में निवासी अब तक फॉर्म नहीं भर पाए हैं। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष लगातार लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं, लेकिन प्रक्रिया उम्मीद से काफी धीमी है।
फॉर्म भरने की धीमी रफ्तार: आखिर कारण क्या?
1. कम बीएलओ, अधिक भीड़
कई आरडब्ल्यूए अध्यक्षों का कहना है कि सेक्टरों में मौजूद कम्युनिटी सेंटरों पर बीएलओ (BLO) की संख्या कम है।
सेक्टर 122 के अध्यक्ष डॉ. उमेश के अनुसार, यहाँ करीब 2000 परिवार रहते हैं, लेकिन सिर्फ 2 बूथ के बीएलओ बैठते हैं।
अब तक केवल 600 परिवारों का ही एसआईआर फॉर्म भरा जा सका है।
2. बूथ की जानकारी न मिलना बड़ी वजह
निवासी विनोद अग्रवाल ने बताया कि उनके 5 सदस्यों में से 2 के बूथ की जानकारी ही उपलब्ध नहीं हो पाई। यही समस्या कई लोगों को हो रही है।
अधिकारियों के अनुसार, लोगों को कॉल कर जानकारी ली जा रही है ताकि प्रक्रिया तेज हो सके।
लोगों तक जागरूकता पहुँचाने के प्रयास
3. रविवार को कई सेक्टरों में कैंप
आरडब्ल्यूए अध्यक्षों ने लोगों को जागरूक करने और सुविधा देने के लिए रविवार को विशेष कैंप लगाने की तैयारी की है।
सेक्टर 34 के अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि अरावली अपार्टमेंट में सभी बूथों के बीएलओ मौजूद रहेंगे, जिससे किसी भी तरह की समस्या का समाधान किया जा सकेगा।
4. घर से बाहर रहने वालों के लिए विशेष व्यवस्था
जो लोग विदेश या दूसरे शहरों में हैं, उनसे डॉक्यूमेंट्स मंगवाकर उनके फॉर्म सेक्टर स्तर पर ही भरे जा रहे हैं।
सेक्टर 19 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण ने बताया कि उनके क्षेत्र में 12 हजार वोटर हैं, पर अब तक सिर्फ 1500 लोगों ने ही फॉर्म भरा है।
फोन कॉल के जरिए बाकी लोगों तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है।
नतीजा: समय कम, काम ज्यादा
एसआईआर फॉर्म भरने की अंतिम तारीख नज़दीक है, लेकिन धीमी प्रक्रिया चिंता का विषय है।
आरडब्ल्यूए और बीएलओ की टीम लगातार मेहनत कर रही है, लेकिन बूथ जानकारी, कम स्टाफ और कम जागरूकता जैसे कारणों से फॉर्म भरने की रफ्तार अभी भी बहुत धीमी है।