गर्भवती महिला और शिशु की गलत इलाज से मौत, अस्पताल स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज
परिजन महिला को लेकर फोर्टीज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर महिला को मृत्य घोषित कर दिया लेकिन गर्भ के शिशु को बचाने के लिए डॉक्टर कोशिश करने लगे। महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया। जांच में सामने आया कि बच्चे की पहले ही मौत हो गई थी। जहां पाया गया कि सेक्टर 112 वाले अस्पताल में गलत इलाज और दवा देने से महिला की मौत हो गई।
ई-रिक्शा से अस्पताल पहुँची थी पीड़िता, हाई ब्लड प्रेशर की थी शिकायत
नोएडा के सेक्टर 112 में एक मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पर गलत इलाज से गर्भवती महिला की मौत का आरोप लगा है। घटना पिछले साल 9 अक्टूबर की है। मामले में कोर्ट के आदेश पर सेक्टर 113 थाने में हॉस्पिटल स्टॉफ के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। परिजन का कहना है कि महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो उसे ई-रिक्शा से लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां पर गर्भवती महिला पैदल उतकर अस्पताल के अंदर गई। महिला को हाईब्लड प्रेशर की समस्या थी। परिजन की तरफ से अस्पताल स्टॉफ को जानकारी दी गई। जिसे डॉक्टरों ने कंट्रोल करने का आश्वासन दिया। आरोप है कि गलत दवा देने से महिला के मुंह से खून आने लगा और डॉक्टरों ने उसे आनन-फानन में दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां महिला और गर्भवस्था में शिशु की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अस्पताल स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
परिजनों का आरोप—गलत दवा देने के बाद महिला की हालत बिगड़ी
पुलिस को सलीम ने बताया कि वह परिवार संग सेक्टर 115 सोरखा जाहिदाबाद में रहते हैं। उनके बड़े बेटे शाहरूख की पत्नी शबाना गर्भवती थी। महिला को पिछले साल 9 अक्टूबर को प्रसव पीड़ा उठी तो घर वाले उसे सेक्टर 112 एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। काउंटर पर 15 हजार रुपये जमा कराने के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। डॉक्टोरों ने बताया कि महिला को 3 से 4 घंटे में डिलीवरी होगी। साथ ही एक दवाई लिखकर परिजन को दिया गया, महिला का पति उसे बाहर के एक मेडिकल से लेकर आया। कुछ देर बाद अस्पताल स्टाफ ने दोबारा शाहरूख से दवाई मंगाई। तभी करीब 15-20 मिनट बाद महिला के वार्ड में हलचल और अफरा तफरी मच गई। परिजन का कहना है कि गलत दवा देने से महिला के मुंह से खून आने लगा। शाहरूख ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया।
रेफर के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, परिजनों की शिकायत पर एक साल बाद केस दर्ज
अस्पताल प्रबंधन की तरफ से पुलिस बुला ली गई। तभी डॉक्टरों और पुलिस ने कहा कि महिला की सांस चल रही है और उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। जहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने महिला को मृत्य घोषित कर दिया। परिजन का आरोप है कि घटना के बाद वे लोग सेक्टर 113 थाने में अस्पताल स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कराने पहुंचे थे। लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित सीएमओ, डीएम और पुलिस कमिश्नर तक शिकायत लेकर पहुंचा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। मामले में अब सेक्टर 113 थाने में एक साल बाद केस दर्ज हुआ है। पुलिस जांच शुरू कर दी है।
परिजन महिला को लेकर फोर्टीज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर महिला को मृत्य घोषित कर दिया लेकिन गर्भ के शिशु को बचाने के लिए डॉक्टर कोशिश करने लगे। महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया। जांच में सामने आया कि बच्चे की पहले ही मौत हो गई थी। जहां पाया गया कि सेक्टर 112 वाले अस्पताल में गलत इलाज और दवा देने से महिला की मौत हो गई।