ताइवान को लेकर चीन-जापान आमने-सामने: धमकी, सैन्य चेतावनी और बढ़ते तनाव से एशिया में हलचल

स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब चीनी कोस्ट गार्ड जहाज जापान नियंत्रित सेनकाकू द्वीपों के करीब दिखे। जापानी कोस्ट गार्ड ने उन्हें बाहर खदेड़ा।

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जापानी PM का बयान और चीनी काउंसल जनरल की धमकी से विवाद गहराया

ताइवान पर संभावित हमले की स्थिति में जापान द्वारा सैन्य मदद देने के बयान ने एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने 7 नवंबर को घोषणा की थी कि यदि चीन ताइवान पर हमला करता है, तो जापान अपनी सेना ताइवान की सहायता के लिए भेजेगा।
चीन ने इसे “उकसाने वाला और गैर–जिम्मेदार बयान” बताया। इसके बाद विवाद तब और बढ़ गया जब ओसाका में चीन के काउंसल जनरल शुए जियान ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ताइवान मामले में दखल देने वालों की “गर्दन काट दी जाएगी।”

अमेरिका ने जापान के समर्थन में दी बड़ी चेतावनी


बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने स्पष्ट किया कि जापान-अमेरिका सुरक्षा समझौते के तहत इन द्वीपों पर हमला हुआ तो अमेरिका जापान की रक्षा करेगा।

एयर ट्रैवल पर बड़ा असर: चीन से जापान की 5 लाख टिकटें कैंसिल

चीन-जापान विवाद का असर अब आम नागरिकों पर भी दिख रहा है। चीन ने अपने नागरिकों को जापान न जाने की सलाह दी, जिसके बाद लगभग 5 लाख फ्लाइट टिकटें रद्द हो गईं—जो कुल बुकिंग का करीब 32% है।
सबसे अधिक कैंसिलेशन शंघाई-टोक्यो और शंघाई-ओसाका रूट पर हुए हैं। एयरलाइंस को अरबों युआन नुकसान होने की आशंका है।

चीनी मीडिया का आरोप: “जापान ताइवान मुद्दे में बेवजह दखल दे रहा”

चीनी सरकारी मीडिया ने जापान पर आरोप लगाया कि ताइवान मुद्दे में अनावश्यक हस्तक्षेप कर वह क्षेत्रीय शांति को खतरे में डाल रहा है।
चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि जापान और अमेरिका भले ताइवान को आधिकारिक रूप से स्वतंत्र राष्ट्र न मानते हों, लेकिन उसकी सुरक्षा में सहयोग देते हैं।
ताइवान जापान से मात्र 110 किलोमीटर की दूरी पर है, इसलिए इसके आसपास का समुद्री क्षेत्र जापान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।

दोनों देशों ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी, नागरिकों को सतर्क रहने की अपील

तनाव बढ़ने के बाद चीन और जापान दोनों ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनियाँ जारी की हैं।
जापान ने चीन में रह रहे नागरिकों को भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर रहने, अपरिचित लोगों से बातचीत में सावधानी रखने और अकेले यात्रा करने से बचने को कहा है।
वहीं, चीन ने जापान में पढ़ाई कर रहे अपने छात्रों को सावधान रहने को कहते हुए दावा किया कि जापान में अपराध बढ़े हैं और चीनी नागरिकों के लिए माहौल सुरक्षित नहीं रहा।

सेनकाकू/डियाओयू द्वीप विवाद: तनाव की असली जड़

चीन-जापान के बीच तनाव की मूल वजह सेनकाकू (जापानी नाम) या डियाओयू (चीनी नाम) द्वीपसमूह है, जिस पर जापान का नियंत्रण है, लेकिन चीन दावा करता है कि ये उसके क्षेत्र का हिस्सा हैं।
यह क्षेत्र दक्षिण चीन सागर के निकट होने के कारण सामरिक और व्यापारिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चीन के बार-बार जापानी एयरस्पेस में घुसने के प्रयासों के कारण जापान की वायुसेना को हमेशा हाई-अलर्ट पर रहना पड़ता है।

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