प्रदूषण ने थामी नोएडा की 500 करोड़ की परियोजनाएं
ग्रेप-3 लागू होने के बाद निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक
नोएडा। बढ़ते प्रदूषण का स्तर और एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) गंभीर श्रेणी में पहुंचने के बाद नोएडा में 500 करोड़ की परियोजनाएं प्रभावित हुईं हैं। ग्रेप-3 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) लागू होने के बाद शहर में निर्माण और तोडफोड कार्य पर रोक है। फ्लाइओवर, रेलवे, समेत मेट्रो परियोजनाओं का कार्य विशेष सावधानियों और नियमों के पालन के साथ किया जा सकता है। सरकारी स्तर पर चल रहे निर्माण कार्यों को पूरा करने में और देरी होगी। महत्वपूर्ण रूप से नोएडा को ग्रेनो से जोड़ने के लिए सेक्टर-146-47 के बीच से बन रही सड़क पर पड़ेगा। इस महत्वपूर्ण परयोजना का काम बंद हो गया है।
सिंथेटिक ट्रैक का काम रुका
सेक्टर-21ए नोएडा स्टेडियम में बन रहे सिंथेटिक ट्रैक का काम भी अब देरी से पूरा होगा। अधिकारियों ने बताया कि भंगेल एलिवेटेड रोड बनकर तैयार हो चुका है लेकिन नीचे सड़क बनाने समेत अन्य काम की शुरुआत की गई है जो अब अटक जाएंगे। नीचे सड़क टूटी हुई है। नाला बनना बाकी है। महत्वपूर्ण यह है कि शहर की अधिकांश सड़कों में गड्ढे हो रखे हैं। कुछ दिन पहले ही सड़क की मरम्मत का काम शुरू किया गया था जो अब बंद हो गया है। इस समय भी शहर की कई सड़कें टूटी पड़ी हैं। सेक्टर-10 में भी चल रहे नाला बनाने का काम अब प्राधिकरण को बंद करना पड़ेगा। इनके अलावा भी कई अन्य परियोजनाओं का निर्माण कार्य बंद होगा।
मॉडल मोबिलिटी कॉरिडोर भी रुका
- इनके साथ ही सेक्टर-62 गोल चक्कर से ममूरा मोड़ तक 2.9 किलोमीटर का माडल मोबिलिटी कारीडोर, सेक्टर-62 डी पार्क को संवारने का कार्य, और सेक्टर-94 में जापानी पार्क का भी निर्माण बंद होगा। यह तीनों परियोजनाएं 40 करोड़ रुपये से अधिक हैं। ग्रेप की पाबंदियों के तहत यह भी प्रभावित हो सकती हैं।
प्रदूषण फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि ग्रेप के नियम प्रदूषण बढ़ने के चलते प्रभावी हैं, ऐसे में इनका अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इनमें निर्माण कार्य, हर प्रकार की खुदाई और प्रदूषण फैलाने वाले कारक शामिल।हैं।