नोएडा सेक्टर-18 के कृष्णा प्लाज़ा में फिर लगी भीषण आग
रेस्टोरेंट से उठी लपटें पांचवें फ्लोर तक पहुंचीं, फायरकर्मियों ने शटर काटकर पाया काबू
नोएडा सेक्टर-18 स्थित कृष्णा प्लाज़ा बिल्डिंग में सोमवार तड़के फिर से आग लग गई। करीब 3:10 बजे रेस्टोरेंट के किचन में हुए शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग इलेक्ट्रिक वायरिंग के जरिए शाफ्ट से होते हुए पांचवें तल तक पहुंच गई, जिससे पूरी बिल्डिंग धुएं से भर गई। फायर विभाग को सूचना मिलते ही 15 फायर टेंडर और 20 से अधिक फायरकर्मी मौके पर पहुंच गए। बिल्डिंग का मेन गेट बंद था, जिस पर शटर को काटकर टीम ने अंदर प्रवेश किया और करीब 60 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि इसी बिल्डिंग में कुछ महीने पहले भी आग लगी थी, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी। इसके बावजूद बिल्डिंग संचालक ने फायर NOC लेने में लापरवाही बरती। फायर विभाग ने NOC के लिए दो नोटिस, फिर कारण बताओ नोटिस भेजा, जिसका कोई जवाब नहीं दिया गया। विभाग ने बिल्डिंग का बिजली और पानी कनेक्शन काटने के लिए भी पत्र लिखा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब विभाग बिल्डिंग को सील करने और वाद दायर करने की तैयारी में है।
सीएफओ प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि आग ग्राउंड फ्लोर के रेस्टोरेंट के बाहरी किचन में लगी थी, जहां इलेक्ट्रिक लाइनों के जरिए लपटें ऊपर तक फैल गईं। धुएं को बाहर निकालने के लिए फायर टीम ने कई शीशे तोड़कर वेंटिलेशन बनाया। घटना के समय बिल्डिंग में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। दिनभर इस बिल्डिंग के बाहर बड़ी संख्या में लोग रहते हैं, इसलिए समय का अंतर ही बड़ी दुर्घटना को टाल गया।
आग से कई ऑफिसों के कांच, दीवारें और डेकोरेशन नुकसान का शिकार हुए हैं। इलेक्ट्रिक वायरिंग पूरी तरह जल गई है और फायरफाइटिंग उपकरण भी क्षतिग्रस्त हैं। अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग को संचालन के लिए 20 दिन से अधिक समय लग सकता है।
एक रेस्टोरेंट कर्मचारी ने दावा किया कि आग लगने के दौरान किचन में रखा एक सिलेंडर भी फटा, जिससे आग तेजी से फैल गई। हालांकि फायर विभाग के अनुसार, रेस्टोरेंट में चार गैस सिलेंडर रखे थे, जिन्हें कर्मचारियों ने सुरक्षित निकाल लिया और उनमें कोई विस्फोट नहीं हुआ।