विश्व कप विजेता रेनुका सिंह को गढ़वाल गांव में हीरो का स्वागत
भारतीय तेज गेंदबाज रेनुका सिंह ठाकुर को भारत की 2025 ICC महिला विश्व कप जीत के बाद उनके पैतृक गांव पारसा, रोहड़ू, शिमला में दिल से स्वागत किया गया। रविवार को लौटते ही गांववालों और स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें सम्मानित किया और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाया। रेनुका ने इस टूर्नामेंट में तीन विकेट लेकर टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई। स्वागत समारोह में गांववालों ने उनके लिए एक डॉक्यूमेंट्री भी तैयार की, जिसमें रेनुका के हिमाचल की पहाड़ियों से विश्व मंच तक के सफर को दिखाया गया। यह उपहार रेनुका के लिए बेहद भावुक करने वाला रहा।
समारोह से पहले, 28 वर्षीय तेज गेंदबाज हटकोटी के हाटेश्वरी माता मंदिर में जाकर प्रार्थना की और भारत की जीत के लिए आभार व्यक्त किया। रेनुका ने कहा, “मेरी मेहनत के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं, लेकिन यह मेरी मां और भूपिंदर अंकल की वजह से संभव हुआ जिन्होंने मेरी प्रतिभा को पहचाना और मुझे हमेशा समर्थन दिया।” रेनुका की कहानी धैर्य और मजबूती की मिसाल है। उन्होंने तीन साल की उम्र में अपने पिता केहर सिंह ठाकुर को खो दिया था। उनकी मां सुनीता ठाकुर ने अकेले ही रेनुका और उनके भाई को बड़ा किया। उनके पिता का सपना था कि उनके बच्चे खेलों में सफल हों। इस सपने को याद रखते हुए रेनुका ने अपने पिता का नाम अपनी बांह पर टैटू भी बनवाया है।
गांववालों का यह उत्साह और सम्मान रेनुका के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बना। इस स्वागत ने न केवल उनके खेल की सफलता को मान्यता दी, बल्कि उनके संघर्ष और प्रेरणा की कहानी को भी उजागर किया। रेनुका सिंह की सफलता यह दिखाती है कि मेहनत, परिवार का समर्थन और दृढ़ निश्चय मिलकर किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं। उनके सफर ने न केवल हिमाचल, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का पल दिया।