दिल्ली एनसीआर की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में, सीजन का सबसे खराब प्रदूषण दर्ज; फिर भी GRAP-3 क्यों नहीं लागू?
दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। राजधानी की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ने शनिवार को इस सीजन का सबसे खराब स्तर दर्ज किया। कई इलाकों में हवा की स्थिति ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में पहुंच गई, जबकि औसतन दिल्ली का AQI 361 रहा। कुछ स्थानों पर यह 400 से ऊपर दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, वजीरपुर और बवाना में AQI 424, जबकि विवेक विहार में 415 दर्ज किया गया। दिल्ली के 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 24 स्टेशनों पर प्रदूषण स्तर 400 से ऊपर रहा, जो इस मौसम का सबसे खराब स्तर है।
हालांकि हवा इतनी खराब हो जाने के बावजूद, GRAP (Graded Response Action Plan) का स्टेज 3 अभी तक लागू नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि “समय रहते की गई कार्रवाइयों” के कारण स्थिति पिछले साल जितनी खराब नहीं है, इसलिए फिलहाल कड़े प्रतिबंधों की जरूरत नहीं समझी गई। लेकिन प्रदूषण के बढ़ते स्तर से आम जनता में गुस्सा है। आज शाम इंडिया गेट पर लोगों के एक बड़े समूह के प्रदर्शन की उम्मीद है, जिसमें सरकार से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवाओं की कमी, वाहनों का धुआं, पराली जलना और निर्माण कार्य प्रदूषण बढ़ाने के प्रमुख कारण हैं।
पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। राष्ट्रीय राजधानी फिलहाल देश का सबसे प्रदूषित शहर बन चुकी है, और एनसीआर के बाकी हिस्सों की हालत भी कुछ बेहतर नहीं है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें और मास्क का उपयोग करें।