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ग्रेटर नोएडा में एटीएस की बड़ी कार्रवाई: धार्मिक किताबों के नाम पर नफरत फैलाने वाला फरहान नबी गिरफ्तार

– हवाला फंडिंग और फर्जी कंपनियों के जरिए चल रहा था प्रकाशन नेटवर्क

उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने ग्रेटर नोएडा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए धार्मिक किताबों के बहाने समाज में नफरत और वैमनस्य फैलाने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान फरहान नबी सिद्दीकी के रूप में हुई है। एटीएस की टीम ने लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) की मदद से उसे कासना थाना क्षेत्र के एक प्रिंटिंग प्रेस से पकड़ा। बताया जा रहा है कि फरहान नबी धार्मिक साहित्य के नाम पर ऐसी किताबें छपवा रहा था, जिनकी सामग्री समाज के विभिन्न वर्गों के बीच तनाव और भेदभाव को बढ़ावा दे सकती थी।


हवाला फंडिंग से चल रहा था नेटवर्क


एटीएस को कुछ दिन पहले इनपुट मिला था कि कासना क्षेत्र में एक निजी कंपनी के भीतर धार्मिक किताबों की आड़ में सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाला साहित्य तैयार किया जा रहा है। जांच में पता चला कि इस काम के लिए विदेश से हवाला और अन्य गैरकानूनी माध्यमों से फंडिंग की जा रही थी। फरहान नबी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई फर्जी कंपनियां बनाई थीं। इन्हीं कंपनियों के नाम पर वह विवादित किताबों का प्रकाशन और वितरण करवा रहा था।


कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद


गिरफ्तारी के दौरान एटीएस टीम को फरहान नबी के पास से एक लैपटॉप, मोबाइल फोन, कई दस्तावेज और धार्मिक किताबों के विवादित मसौदे मिले हैं। इन मसौदों में ऐसे अंश पाए गए हैं जो समाज में नफरत और अस्थिरता पैदा करने की मंशा से लिखे गए थे। फिलहाल एटीएस उसकी फंडिंग के स्रोत, विदेशी संपर्कों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।


लोकल पुलिस को भनक तक नहीं लगी


इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह रही कि उत्तर प्रदेश एटीएस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। सूत्रों के मुताबिक, एटीएस ने यह कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय रखी ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपी सतर्क न हो सकें।


जांच जारी, और खुलासे संभव


एटीएस अधिकारियों ने बताया कि फरहान नबी सिद्दीकी से लंबी पूछताछ की जा रही है। उसने प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर एजेंसी आगे की छानबीन कर रही है। टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये किताबें किन-किन इलाकों में भेजी गई थीं और इनके पीछे कौन-से संगठन या व्यक्ति सक्रिय थे।

“फरहान नबी ने धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग कर समाज में नफरत फैलाने की कोशिश की। फंडिंग के स्रोत और विदेशी लिंक की जांच जारी है।” — एटीएस अधिकारी

इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश में एटीएस की हाल की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है, जिसने सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाले एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

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