“ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में SIR विरोध मार्च निकाला, BJP ने बताया ‘जमात की रैली'”
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को SIR (Special Investigation Report) के खिलाफ एक बड़े विरोध मार्च का नेतृत्व किया। इस मार्च में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के हजारों कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया और कहा कि यह रिपोर्ट राजनीतिक रूप से प्रेरित है। कोलकाता की सड़कों पर निकले इस विरोध मार्च में ममता बनर्जी खुद सबसे आगे चल रही थीं। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। वे विपक्ष की आवाज दबाना चाहते हैं, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।”
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि SIR रिपोर्ट का इस्तेमाल बंगाल सरकार की छवि खराब करने के लिए किया जा रहा है। “वे सोचते हैं कि हमें झुकाया जा सकता है, लेकिन बंगाल झुकेगा नहीं,” उन्होंने जोश में कहा। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस विरोध मार्च को कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह “जमात की रैली” है। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस की यह रैली कानून व्यवस्था को बिगाड़ने और जनता को गुमराह करने की कोशिश है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मार्च 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीति को गरमाने वाला साबित हो सकता है। तृणमूल कांग्रेस इसे जनता के अधिकारों की लड़ाई बता रही है, जबकि बीजेपी इसे राजनीतिक नाटक कह रही है। मार्च के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। पुलिस बल की बड़ी संख्या को तैनात किया गया ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। ममता बनर्जी ने अंत में कहा, “हम लोकतंत्र बचाने के लिए लड़ रहे हैं, चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं।”