एनसीआर में फिर बढ़ा प्रदूषण संकट, नोएडा की हवा सबसे जहरीली
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच नोएडा की हवा सबसे खराब श्रेणी में पहुंच गई है। सोमवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 330 अंक दर्ज किया गया, जिससे नोएडा एनसीआर में सबसे प्रदूषित और देशभर में चौथा सबसे प्रदूषित शहर बन गया। शहर में जगह-जगह खुदी सड़कों और खुले में पड़ी मिट्टी के ढेरों से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) की टीम ने जांच में पाया कि कई इलाकों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके चलते बोर्ड ने बिजली निगम पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाने की सिफारिश नोएडा प्राधिकरण को की है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सोमवार को सेक्टर-122, 117, 115 और 75 का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि बिजली विभाग द्वारा इन सेक्टरों में केबल बिछाने का कार्य चल रहा है, जिसके कारण सड़कों को खोदा गया है। लेकिन खुदाई के बाद मिट्टी खुले में छोड़ दी गई, जिससे हवा में धूल उड़ रही है। यह ग्रेप-2 (GRAP-II) के नियमों का सीधा उल्लंघन है। बोर्ड ने प्राधिकरण को पत्र लिखकर कार्रवाई की सिफारिश की है। साथ ही, बिजली विभाग को नोटिस जारी करने और जुर्माना लगाने का सुझाव दिया गया है।
इसके अलावा, नोएडा प्राधिकरण को भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि शहर में चल रहे सभी निर्माण कार्यों में GRAP के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसमें निर्माण स्थल को ढंकना, पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण जैसे उपाय शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नोएडा में प्रदूषण का मुख्य कारण सड़कों की खुदाई, निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार और ट्रैफिक से उठने वाली धूल है। अगर समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हवा और भी ‘गंभीर श्रेणी’ में पहुंच सकती है।