दिल्ली एसिड अटैक कांड: पिता ही निकला मास्टरमाइंड, चौंकाने वाले 5 खुलासे
दिल्ली यूनिवर्सिटी में कथित एसिड अटैक का मामला अब पूरी तरह पलट गया है। जिस छात्रा ने एसिड हमले का आरोप लगाया था, उसके बयान और घटनास्थल की जांच के बाद सच्चाई कुछ और ही निकली। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन से पता चला है कि घटना के समय जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया गया था, वह वहां मौजूद ही नहीं था। रविवार सुबह करीब 11 बजे दिल्ली पुलिस को दीप चंद बंधु अस्पताल से सूचना मिली कि एक छात्रा पर एसिड जैसा तरल पदार्थ फेंका गया है। छात्रा ने बताया कि जब वह लक्ष्मीबाई कॉलेज, अशोक विहार जा रही थी, तभी उसके जानकार जितेंद्र ने अपने दोस्तों ईशान और अरमान के साथ मोटरसाइकिल से आकर उस पर हमला किया। इस बयान के आधार पर थाना भारत नगर में मामला दर्ज किया गया।
सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और गवाहों के बयानों से स्पष्ट हुआ कि मुख्य आरोपी जितेंद्र उस समय करोल बाग में था। फुटेज में उसकी बाइक भी वहीं दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने छात्रा के दावों पर सवाल उठाने शुरू किए। जांच में यह भी सामने आया कि छात्रा के पिता अकील खान इस पूरे मामले के पीछे हो सकते हैं। उन पर पहले से ही बलात्कार और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप हैं। जितेंद्र की पत्नी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि अकील ने 2021 से 2024 के बीच उसके साथ यौन उत्पीड़न किया और आपत्तिजनक तस्वीरों से ब्लैकमेल किया।
इसके अलावा, पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी में छात्रा को अपने भाई के साथ स्कूटी पर घर से निकलते और बाद में ई-रिक्शा लेते देखा गया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उसका भाई उसे कॉलेज तक क्यों नहीं छोड़कर गया। क्राइम ब्रांच और एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, मगर छात्रा के बयानों और सबूतों में मेल नहीं मिला। अब पुलिस इस झूठे मामले की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का झूठा एसिड अटैक केस दिल्ली में पहली बार सामने आया है, जिससे पुलिस भी हैरान है।