बिल्हौर इंटर कॉलेज में छात्रों के दो गुटों में मारपीट, बेल्ट और घूंसे चले; पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में दी सख्त हिदायत
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कानपुर/बिल्हौर। बिल्हौर कस्बा स्थित बिल्हौर इंटर कॉलेज में सोमवार दोपहर किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट आमने-सामने आ गए। शुरुआत कहासुनी और गाली-गलौज से हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के दर्जनों छात्र एक-दूसरे से भिड़ गए। मारपीट के दौरान बेल्ट और घूंसे चलने से कई छात्रों के चोटिल होने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद विद्यालय परिसर में कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ छात्रों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। बाद में उनके परिजनों की मौजूदगी में समझाइश देकर सभी को घर भेज दिया गया।
कहासुनी के बाद बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सोमवार दोपहर छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। पहले कुछ छात्रों के बीच कहासुनी हुई और देखते ही देखते गाली-गलौज शुरू हो गई। मामला बढ़ने पर दोनों पक्षों से कई छात्र एकत्र हो गए। इसके बाद छात्रों के बीच मारपीट शुरू हो गई। अचानक बड़ी संख्या में छात्रों के भिड़ने से विद्यालय परिसर में अफरातफरी मच गई। बताया गया कि मारपीट के दौरान कुछ छात्रों ने बेल्ट का इस्तेमाल किया, जबकि कई छात्र एक-दूसरे पर घूंसे बरसाते नजर आए। इस दौरान कई छात्रों को चोटें आईं।
कई छात्रों के चोटिल होने की जानकारी
मारपीट में नगर निवासी इकलाख के बेटे के सिर और हाथ में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा तीन अन्य छात्रों के भी मामूली रूप से घायल होने की बात बताई गई है। घायल छात्र को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वहीं, घटना में विद्यालय अध्यक्ष के बेटे के भी चोटिल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घटना में कितने छात्रों को चोटें आईं और किस छात्र को कितनी गंभीर चोट लगी, इसकी पूरी स्थिति पुलिस की जांच और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के पहुंचते ही कई छात्र निकल गए
विद्यालय प्रबंधन की ओर से छात्रों के बीच मारपीट की सूचना पुलिस को दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने तक मारपीट में शामिल अधिकांश छात्र वहां से निकल चुके थे। पुलिस ने मौके से कुछ छात्रों को पकड़ लिया और उन्हें पूछताछ के लिए थाने ले गई। घटना की जानकारी आसपास के लोगों को भी हुई, जिसके बाद विद्यालय और थाना परिसर में लोगों की आवाजाही बढ़ गई।
परिजनों की थाने में जुटी भीड़
जब छात्रों के थाने पहुंचने की जानकारी उनके परिजनों को मिली तो वे भी वहां पहुंचने लगे। कुछ ही देर में थाना परिसर में कई अभिभावक एकत्र हो गए। परिजनों ने पुलिस से बच्चों को छोड़ने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि बच्चों से गलती हुई है और उन्हें समझाकर भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न करने की हिदायत दी जाए। पुलिस ने छात्रों और उनके अभिभावकों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम को समझाया। साथ ही विद्यालय में इस तरह की घटना दोबारा होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
लिखित शिकायत नहीं मिलने पर समझाइश
थाना प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस ने छात्रों और उनके परिजनों को समझाया तथा भविष्य में इस तरह का विवाद दोबारा न करने की सख्त हिदायत दी। समझाइश के बाद सभी छात्रों को उनके परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, यदि मामले में किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत मिलती है तो उसके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल में सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
विद्यालय परिसर में दर्जनों छात्रों के बीच इस तरह मारपीट होने की घटना ने स्कूल में छात्रों की निगरानी और अनुशासन व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। घटना के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों का एक साथ इकट्ठा होना और मारपीट तक मामला पहुंच जाना चिंता का विषय है। फिलहाल पुलिस ने छात्रों और उनके परिजनों को चेतावनी देकर मामला शांत करा दिया है। अब विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है कि छात्रों के बीच विवाद की वजह का पता लगाकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए।