बिल्हौर में क्रिएटिविटी क्लब प्रशिक्षण, 35 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत नवाचार आधारित शिक्षण का प्रशिक्षण मिला।
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कानपुर के बिल्हौर विकासखंड में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को नई दिशा देने के उद्देश्य से क्रिएटिविटी क्लब कार्यक्रम के तहत शिक्षक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के मीटिंग हॉल में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकासखंड के 35 जूनियर हाईस्कूलों के 35 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों से परिचित कराना नहीं था, बल्कि उन्हें ऐसी गतिविधियों के लिए तैयार करना भी था, जिनसे बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक सोच, नवाचार और व्यावहारिक कौशल विकसित कर सकें।
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन ने कराया प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का संचालन फाउंडेशन की केंद्रीय टीम से आए एसोसिएट कमलेश त्रिपाठी ने किया। उन्होंने शिक्षकों को गतिविधि-आधारित शिक्षण, बच्चों की कल्पनाशक्ति को बढ़ाने वाली तकनीकों और कक्षा में रचनात्मक वातावरण तैयार करने के व्यावहारिक तरीके बताए। प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहे, बल्कि बच्चे स्वयं प्रयोग करें, प्रश्न पूछें और नए विचारों को विकसित करने का अवसर प्राप्त करें।
35 चयनित विद्यालयों में चलेगा कार्यक्रम
प्रशिक्षण में बताया गया कि निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार बिल्हौर विकासखंड के 35 चयनित विद्यालयों में क्रिएटिविटी क्लब संचालित किए जाएंगे। इन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान, कला, नवाचार, समस्या समाधान, समूह कार्य और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को ऐसी सीख देना है, जो केवल परीक्षा तक सीमित न रहकर उनके व्यक्तित्व विकास और भविष्य के कौशल निर्माण में भी सहायक बने।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पहल
कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का प्रमुख लक्ष्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और व्यावहारिक अधिगम को बढ़ावा देना है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए क्रिएटिविटी क्लब कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को केवल विषय ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवनोपयोगी कौशल, टीमवर्क, नवाचार और आत्मविश्वास विकसित करने के अवसर भी मिलेंगे।
खंड शिक्षा अधिकारी ने की सराहना
प्रशिक्षण कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी रवी कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए रचनात्मक शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे अपने-अपने विद्यालयों में क्रिएटिविटी क्लब को सक्रिय रूप से संचालित करें और विद्यार्थियों को नई गतिविधियों से जोड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विद्यालय को अतिरिक्त प्रशिक्षण या मार्गदर्शन की आवश्यकता हो तो शिक्षक प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की टीम से संपर्क कर सकते हैं।
फाउंडेशन की टीम ने निभाई सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से क्रिएटिविटी क्लब कोऑर्डिनेटर शिवम पांडे, यूथ ट्रेनर प्रभाकांत मिश्रा और मेंटर शालिनी ने भी शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। टीम ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन किया और शिक्षकों को बताया कि सीमित संसाधनों में भी बच्चों के लिए प्रभावी और रोचक शिक्षण वातावरण तैयार किया जा सकता है।
इन शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में रेखा, आरती सिंह, आदित्य द्विवेदी, देवेंद्र शर्मा, नीलम कनौजिया, रोली, विवेक, कादिर मोहम्मद, मंजू, कल्पना, कल्पना सचान सहित विकासखंड के विभिन्न जूनियर हाईस्कूलों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों ने इसे उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक और विद्यार्थियों के अनुकूल बनाने के नए तरीके सीखने का अवसर मिला।
रचनात्मक शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों में नवाचार, समस्या समाधान और रचनात्मक सोच विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। बिल्हौर में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में विद्यालयों में बच्चों को अधिक प्रयोगात्मक और आनंददायक सीखने का वातावरण मिल सकेगा।