बिल्हौर बार में गुरु पूर्णिमा पर अधिवक्ताओं ने गुरुओं को किया नमन
Tags: बिल्हौर बार में गुरु पूर्णिमा पर अधिवक्ताओं ने गुरुओं को किया नमनMediawali news, kanpur
कानपुर/बिल्हौर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बिल्हौर तहसील परिसर में एकीकृत एडवोकेट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित विशेष कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने अपने गुरुओं को श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति में गुरु की परंपरा, न्याय व्यवस्था में उनके योगदान और युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि ज्ञान, संस्कार और नैतिक मूल्यों की नींव गुरु ही रखते हैं, इसलिए गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं बल्कि कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।
‘गुरु के बिना ज्ञान अधूरा’ : अनिल अग्निगोत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के संरक्षक अनिल अग्निगोत्री ने कहा कि गुरु केवल पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह जीवन को सही दिशा देने वाला सच्चा पथप्रदर्शक होता है। उन्होंने कहा, “गुरु के बिना ज्ञान अधूरा है और समाज का समग्र विकास भी संभव नहीं है। गुरु पूर्णिमा हमें अपने शिक्षकों, मार्गदर्शकों और जीवन में प्रेरणा देने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति सम्मान, आस्था और कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देती है।” उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से भी आग्रह किया कि वे अपने वरिष्ठों के अनुभवों से सीखते हुए न्याय व्यवस्था की गरिमा बनाए रखें।
गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की पहचान
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारत में गुरु-शिष्य परंपरा हजारों वर्षों से ज्ञान और संस्कारों की आधारशिला रही है। महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इसी दिन लोग अपने गुरु, शिक्षक और मार्गदर्शकों के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी पेशे में अनुभव और नैतिक मूल्यों का हस्तांतरण वरिष्ठों के मार्गदर्शन से ही संभव होता है। अधिवक्ता समुदाय में भी वरिष्ठ वकीलों का मार्गदर्शन नए अधिवक्ताओं के लिए अमूल्य माना जाता है।
बड़ी संख्या में अधिवक्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में संरक्षक अधिवक्ता अभिषेक द्विवेदी, एकीकृत एडवोकेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनीत गुप्ता, महामंत्री अनुराग द्विवेदी (चौबेपुर), योगेंद्र शुक्ला, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, शौर्य यादव, अशोक शुक्ला, बलबीर सिंह, आशीष द्विवेदी, शिखर अग्निहोत्री, सोनी एडवोकेट, शोमिल कटियार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिवक्ताओं ने गुरु परंपरा को आगे बढ़ाने और न्याय व्यवस्था में नैतिक मूल्यों के पालन का संकल्प लिया।