शिवराजपुर में हरियाली की मुहिम, स्कूल और गांवों में पौधारोपण तेज
Tags: वृक्षारोपण महाअभियान, शिवराजपुरसिर्फ पौधे नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली की विरासत: शिवराजपुर में चला वृक्षारोपण महाअभियान
Mediawali news, कानपुर/बिल्हौर
बदलते मौसम, बढ़ते तापमान और घटते हरित क्षेत्र के बीच शिवराजपुर ब्लॉक में हरियाली बढ़ाने की पहल तेज हो गई है। शासन के निर्देश पर चल रहे वृक्षारोपण महाअभियान के तहत गांवों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का भाव पैदा करना भी है। शिवराजपुर क्षेत्र के कई गांवों में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, बैंक कर्मियों और विद्यार्थियों ने मिलकर पौधरोपण किया। लोगों ने यह संकल्प भी लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाएगी, ताकि वे भविष्य में बड़े पेड़ों के रूप में पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।
गांव से शुरू हुई हरियाली की पहल
सुघरदेवा गांव के ग्राम सचिवालय परिसर में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हरिपाल नंदे और बैंक ऑफ बड़ौदा की बिरामऊ शाखा के प्रबंधक अवनीश कटियार ने संयुक्त रूप से पौधरोपण किया। इस अवसर पर हरिपाल नंदे ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार पूरे गांव में वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले दिनों में गांव की गौशाला परिसर में करीब 100 पौधे लगाए जाएंगे। उनका कहना है कि इससे गौशाला परिसर में हरियाली बढ़ेगी, पशुओं को बेहतर वातावरण मिलेगा और परिसर की स्वच्छता भी बेहतर होगी।
स्कूल बना पर्यावरण संरक्षण का केंद्र
शिवराजपुर के मनसुखलाल सर्वोदय इंटर कॉलेज, कामा में भी वृक्षारोपण अभियान उत्साह के साथ चलाया गया। विद्यालय परिसर में प्रधानाचार्य सुनील कुमार पाल और रसायन विज्ञान प्रवक्ता विपिन पाल ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर दर्जनों पौधे लगाए। विद्यालय ने इस वर्ष 200 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। शिक्षकों ने कहा कि पौधे लगाना जितना जरूरी है, उससे कहीं अधिक जरूरी उनकी नियमित देखभाल करना है। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों से कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में सैकड़ों लोगों को स्वच्छ हवा, छाया और बेहतर पर्यावरण देगा।
विद्यार्थियों ने लिया हरियाली का संकल्प
वृक्षारोपण अभियान के दौरान विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। छात्रों ने गांव के खलिहान और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाने तथा उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण की कई समस्याओं को कम किया जा सकता है।
क्यों जरूरी है वृक्षारोपण?
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बढ़ते शहरीकरण और पेड़ों की कटाई के कारण तापमान में वृद्धि, वायु प्रदूषण और भूजल स्तर पर असर पड़ रहा है। ऐसे में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण जलवायु संतुलन बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। एक विकसित पेड़ अपने जीवनकाल में बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करता है, ऑक्सीजन प्रदान करता है और स्थानीय जैव विविधता को भी बढ़ावा देता है। यही कारण है कि सरकार हर वर्ष मानसून के दौरान व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाती है।
‘लगाने के साथ बचाना भी जरूरी’
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि वृक्षारोपण अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने से नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने की दर पर निर्भर करती है। इसलिए स्थानीय लोगों, स्कूलों और ग्राम पंचायतों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। शिवराजपुर में भी अभियान के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे केवल पौधे लगाकर औपचारिकता पूरी न करें, बल्कि नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं। यदि यह अभियान इसी तरह जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले वर्षों में शिवराजपुर क्षेत्र हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक बेहतर उदाहरण बन सकता है।