नौकरी छोड़ 10 से 20 प्रतिशत कमीशन पर साइबर ठगों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने वाले चार शातिर गिरफ्तार
Tags: साइबर ठगोंनोएडा से 21.27 लाख ठगी से जुड़े मामले में चारो पकड़े गए
Mediawali news, नोएडा
नौकरी छोड़कर सिर्फ 10 से 20 प्रतिशत कमीशन कमाने के लालच में अपने और दूसरों के क्रेडिट कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने वाले युवकों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि ये आरोपी सीधे लोगों से ठगी नहीं करते थे, बल्कि साइबर गिरोह को अपना और दूसरों का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने देते थे, ताकि ठगी की रकम उनके जरिए ट्रांसफर की जा सके। आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन मोबाइल फोन की जांच में साइबर अपराधियों से बातचीत और संपर्क के अहम साक्ष्य मिले हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नोएडा निवासी एक व्यक्ति के साथ 21.27 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा है। ठगों ने खुद को आईजीएल (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) का कर्मचारी बताकर पीड़ित से संपर्क किया। उन्होंने बिल भुगतान के नाम पर एक फर्जी लिंक भेजा। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, साइबर अपराधियों ने उसके मोबाइल का अनधिकृत एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 21.27 लाख रुपये निकाल लिए गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, बैंक ट्रांजैक्शन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान चार युवकों की भूमिका सामने आई और उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है। उनकी पहचान शहनवाज शेख, शिवम पाण्डेय और शुभम कुमार सिंह निवासी गौतमबुद्ध नगर बिसरख थाना क्षेत्र और सचिन निवासी गाजियाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने चारों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
चारों के खाते में 6 लाख रुपये ट्रांसफर होने की पुष्टि
जांच में पता चला कि आरोपी सचिन कुमार के क्रेडिट कार्ड में ठगी के एक लाख 49 हजार 490 रुपये ट्रांसफर हुए थे। वहीं शहनवाज शेख के क्रेडिट कार्ड में दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए दो लाख 56 हजार और दो लाख 22 हजार यानी कुल 4.78 लाख रुपये पहुंचे। पुलिस ने बताया कि शिवम पाण्डेय और शुभम कुमार सिंह भी साइबर गिरोह को अपने क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराते थे। अब तक इनके खातों में करीब 6.5 लाख रुपये की ठगी की रकम आने की पुष्टि हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले में इस्तेमाल किए गए अन्य बैंक खातों और आर्थिक लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
फिल्मी स्टाइल में दिए जाते थे क्रेडिट कार्ड
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि साइबर ठग कार से आते नोएडा या दिल्ली एनसीआर के किसी क्षेत्र में पहुंचते हैं। इसके बाद कार कहीं और पार्क करने के बाद पैदल भीड़भाड़ वाले स्थान में खड़ा हो जाते हैं। साथ ही वो लोग अपना एक पहचान बताकर इन युवाओं से क्रेडिट कार्ड लेकर चले जाते हैं। बदले में इन लोगों के खाते में हर महीने रुपये ट्रांसफर हो जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में साइबर अपराधियों से चैट, कॉल और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिल भुगतान, केवाईसी अपडेट या बैंक संबंधी किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, क्रेडिट कार्ड या उससे जुड़ी जानकारी साझा न करें। यदि साइबर ठगी का संदेह हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।