निवेश के बहाने जन सेवा केंद्र से ट्रांसफर कराई रकम, 17 लाख ऐंठे
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Mediawali news, Noida
साइबर अपराधी एक महिला से निवेश के बहाने 17 लाख रुपये की ठग कर ली। पीड़िता को वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से जोड़कर ट्रेडिंग करने की ट्रेनिंग दी गई। एक डाउनलोड कराने के बाद उसमें खाता चालू कराया गया। पीड़िता ने 12 ट्रांजेक्शन में 14 लाख रुपये ठगों को दिया। वहीं बाकी की रकम जन सेवा केद्र के माध्यम से ट्रांसफर कराई गई। ऐप पर 17 लाख रुपये निवेश की रकम बढ़कर 3.25 करोड़ दिखाई दी तो उन्होंने निकाने की कोशिश की। बदले में ठगों ने 20 प्रतिशत टैक्स जमा करने की बात बोलकर 65 लाख रुपये मांगे। तब जाकर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। मामले में साइबर थाना पुलिस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नोएडा सेक्टर-121 ड्रीम होम्स-2 सोसायटी निवासी ऐश्वर्या राघव ने बताया कि पिछले साल 15 अप्रैल एक अनजान नंबर से मैसेज आया था। इसके बाद उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया गया। जेए ब्लॉक प्रो नाम का ऐप डाउनलोड कर उसमें ट्रेडिंग खाता खोला। मुझे बताया गया कि यह ग्रुप जैनम ब्रोकिंग का है, जिसके प्रमुख मिलन पारेख हैं और वे वर्ष 2002 से ट्रेडिंग क्षेत्र में एक प्रसिद्ध नाम हैं। पीड़िता को धीरे-धीरे ग्रुप के एडमिन ने ट्रेडिंग शुरू करने के लिए पैसे जमा करने को कहा। ट्रेडिंग के दौरान ऐप किसी वास्तविक ट्रेडिंग कंपनी की तरह काम कर रहा था। उसमें सभी शेयर दिखाई देते थे और पीड़िता का पोर्टफोलियो भी मुनाफे के साथ दिखाया जाता था।
ग्रुप में कहा जाता था कि बेहतर लाभ के लिए कम से कम एक महीने तक निवेश बनाए रखें। ट्रेडिंग की क्लास खुद मिलन पारेख द्वारा ली जाती थी।करीब 10 दिन बाद पीड़िता को ग्रुप के लोगों ने श्रीजी कंपनी का आईपीओ खरीदने के लिए कहा। 12 मई 2025 को आईपीओ 145 रुपये प्रति शेयर खरिद लिया।
इसके बाद उन्होंने 19 मई तक शेयर होल्ड करने को कहा। उसी दिन शेयर का भाव लगभग 250 रुपये प्रति शेयर पहुंच गया। उनके कहने पर पीड़िता ने सभी शेयर बेच दिए। इसके बाद मेरे जेए ब्लॉक प्रो खाते में लगभग 3.25 करोड़ रुपये दिखाई देने लगे और पीड़िता ने रकम निकालने की कोशिश की तो कोई विकल्प नहीं मिला। भुगतान जारी करने के नाम पर कुल राशि का 20 प्रतिशत यानी लगभग 65 लाख रुपये सर्विस चार्ज जमा करने के लिए कहा गया। पीड़िता के साथ 17 लाख रुपये की ठगी हुई है।
उन्होंने 14.40 लाख रुपये 12 यूपीआई और एक चेक के माध्यम से भेजे गए थे। बाकी के रुपये गढ़ी चौखंडी स्थित जन सेवा केंद्र के माध्यम से ट्रांसफर किए थे। पीड़िता ने 20 मई 2025 को जैनम ट्रेडिंग के कस्टमर केयर से संपर्क किया। वहां से बताया गया कि इसी तरह की धोखाधड़ी की एक और शिकायत तीन दिन पहले भी मिली थी। इसके बाद पीड़िता ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। मामले में साइबर थाना पुलिस को केस ट्रांसफर हुआ है।