गांव-गांव पहुंचे प्राकृतिक खेती का संदेश, युवाओं को बनाएं प्रबोधक: त्यागी
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Mediawali news, कानपुर
बिल्हौर के कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यक्रम में देश के प्रख्यात प्रगतिशील किसान एवं पद्मश्री भारत भूषण त्यागी ने भाग लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्राकृतिक खेती ही देश की कृषि व्यवस्था को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। योगी सरकार द्वारा शुरू की गई इस मुहिम को उन्होंने ऐतिहासिक शुरुआत बताते हुए किसानों से इसे अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि देश का किसान इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है और तन, मन व धन से इसका साथ देगा। साथ ही उन्होंने खेती को और मजबूत व प्रभावी बनाने के लिए सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। पहले सुझाव में उन्होंने कहा कि सरकार की कृषि उत्पादन संबंधी नीतियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए मजबूत कार्ययोजना तैयार की जाए। वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में हो रहे शोध और नवाचारों को सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाए, ताकि सामान्य किसान भी इन तकनीकों का लाभ उठा सकें।
दूसरे सुझाव के रूप में उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक जिले में मजबूत ‘कृषक उत्पादक संगठन’ (एफपीओ) स्थापित करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि संगठित किसान ही अपनी फसलों का उचित मूल्य प्राप्त कर सकते हैं और बेहतर बाजार तक पहुंच बना सकते हैं। तीसरे सुझाव में उन्होंने जागरूकता अभियान को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाने के लिए गांव-गांव में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और ग्रामीण युवाओं को ‘कृषि प्रबोधक’ के रूप में प्रशिक्षित किया जाए। ये प्रशिक्षित युवा अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम में मौजूद किसानों और कृषि विशेषज्ञों ने भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया और इसे भविष्य की आवश्यकता बताया।
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