Labour Protest के आरोप में जेल में बंद आरोपियों के खिलाफ 77 गवाह देंगे गवाही, 1500 पेज की चार्जशीट दाखिल
Tags: labour-protestएसआईटी टीम ने Labour Protest की जांच पूरी, रुपेश रॉय, आदित्य आनंद, आकृति, मनीषा समेत 10 को बनाया मुख्य आरोपी
Mediawali news, Noida
नोएडा में 13 अप्रैल को हुए Labour Protest के मामले में पुलिस ने अदालत में करीब 1500 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में 77 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं, जो मामले में आरोपियों के खिलाफ गवाही देंगे। पुलिस ने मामले में चार नए नाम भी जोड़े हैं। वहीं, नेशनल एक्टिविस्ट प्रियंवदा शर्मा को भी आरोपियों की सूची में शामिल किया गया है। पुलिस ने 10 लोगों को इस मामले का मुख्य आरोपी बनाया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार चार्जशीट में घटनाक्रम, सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों को शामिल किया गया है। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर चार नए लोगों के नाम भी आरोपियों की सूची में जोड़े गए हैं। इससे पहले इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने चार्जशीट में 77 गवाहों की सूची लगाई है। इनमें पुलिसकर्मी, कंपनी के कर्मचारी, प्रत्यक्षदर्शी और अन्य संबंधित लोग शामिल हैं। इन सभी के बयान अदालत में अहम भूमिका निभा सकते हैं। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 10 लोगों की भूमिका सबसे अहम पाई गई, इसलिए उन्हें मुख्य आरोपी बनाया गया है।
मामले में पुलिस ने आदित्य आनंद, रुपेश रॉय, सत्यम वर्मा, हिमांशु ठाकुर, आकृति, सृष्टि गुप्ता, मनीषा चौधरी, भूपेंद्र उर्फ भपी, सतीश कुमार, उर्फ सिद्धार्थ और मदुरेश राय को गिरफ्तार किया कर जेल भेजा है। इनमें से किसी को अभी तक जमानत नहीं मिली है। अब पुलिस ने उनके खिलाफ चार्ज शीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में नेशनल एक्टिविस्ट प्रियंवदा शर्मा का नाम शामिल होने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। अब अदालत में चार्जशीट पर सुनवाई के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। माना जा रहा है कि इस मामले में आने वाले दिनों में कई और अहम पहलू सामने आ सकते हैं। फिलहाल जेल में बंद आरोपियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।