Mediawali news, कानपुर
बिल्हौर निबंधन कार्यालयों के प्रस्तावित विकेंद्रीकरण साथ निजीकरण के विरोध में बुधवार को बिल्हौर तहसील क्षेत्र के अधिवक्ताओं, स्टाम्प विक्रेताओं एवं निबंधन कार्य से जुड़े लोगों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बिल्हौर मनीष कुमार को सौंपा।बिल्हौर बार एसोसिएशन अध्यक्ष बृजेश कटियार, महामंत्री सौरभ कटियार, द लायर्स एसोसिएशन अध्यक्ष जनार्दन यादव, महामंत्री कुशल पांडेय तथा एकीकृत एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनीत और महामंत्री अनुराग के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने अपनी मांगें रखीं।अधिवक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में तहसील स्तर पर निबंधन कार्यालय सुचारु रूप से कार्य कर रहे हैं, ऐसे में इनके विकेंद्रीकरण और निजीकरण की कोई आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने आशंका जताई कि इस व्यवस्था से आम जनता, क्रेता-विक्रेता, अधिवक्ताओं एवं अन्य संबंधित वर्गों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।अधिवक्ताओं का कहना है कि निजीकरण से बिचौलियों की भूमिका बढ़ेगी और फर्जीवाड़े की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। इससे निबंधन प्रक्रिया की गोपनीयता और पारदर्शिता प्रभावित होने के साथ ही किसानों और आम नागरिकों के हितों पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। ज्ञापन के माध्यम से शासन से मांग की गई कि यदि निबंधन कार्यालयों के विकेंद्रीकरण अथवा निजीकरण का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है, तो उसे जनहित में तत्काल निरस्त किया जाए।प्रद्युम्न कटियार, राजकुमार भदौरिया, रविनेश यादव, प्रवीण, महेंद्र कुशवाहा, आशीष, समसुल, शिवम, विनोद पटेल, भास्कर द्विवेदी, आलोक मिश्रा, राजेश, नवीन, गौरव द्विवेदी समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।