निबंधन कार्यालयों के निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं का ज्ञापन, योजना वापस लेने की मांग
Tags: निबंधन कार्यालयोंMediawali news, कानपुर
बिल्हौर निबंधन कार्यालयों के प्रस्तावित विकेंद्रीकरण एवं निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं ने आवाज बुलंद कर दी है। बिल्हौर तहसील के अधिवक्ताओं ने राज्यपाल के नाम संबोधित उपजिलाधिकारी मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए योजना को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग उठाई है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार कटियार, लायर्स के अध्यक्ष जनार्दन सिंह यादव साथ कुशल पांडे,अनुराग द्विवेदी,विनीत गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में तहसील स्तर पर निबंधन कार्यालय सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं, जिससे आम जनता को सुविधा मिल रही है। ऐसे में निजीकरण विकेंद्रीकरण की योजना लागू होने से क्रेता-विक्रेताओं एवं निबंधन पक्षकारों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ेगा। साथ ही अधिवक्ता, स्टांप विक्रेता, लेखपाल एवं टंकण कर्मियों के कार्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
अधिवक्ताओं ने आशंका जताई कि व्यवस्था से अनैतिक व्यक्ति एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे धोखाधड़ी फर्जीवाड़े के मामले बढ़ेंगे स्टांप व रजिस्ट्रेशन फीस में अनियमितता भ्रष्टाचार बढ़ने का भी खतरा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल निबंधन कार्यालयों की गोपनीयता प्रभावित होगी, बल्कि आम जनता, विशेषकर किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।ज्ञापन में निजीकरण से सेवाएं महंगी होंगी और अतिरिक्त शुल्क का बोझ जनता पर पड़ेगा। अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग की है कि प्रस्तावित योजना को तत्काल रोका जाए और पूर्व व्यवस्था को ही जारी रखा जाए। बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व अधिवक्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर इस निर्णय का विरोध किया और जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।