साइबर पुलिस ने 141 करोड़ रुपये फ्रीज कराया, पीड़ितों से ठगी के लौटाए 75 करोड़
- साढ़े तीन साल में साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, देशभर में फैले नेटवर्क तोड़ने की कोशिश
Mediawali news, Noida
साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में गौतमबुद्धनगर कमिश्ररेट साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पिछले साढ़े तीन साल में पुलिस ने पीड़ितों से ठगी गई 141 करोड़ 74 लाख रुपये से अधिक की रकम फ्रीज साइबर अपराधियों के बैंक खाते में फ्रीज कराया है। साथ ही लगातार कार्रवाई और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय के जरिए 75 करोड़ 10 लाख रुपये से ज्यादा की रकम पीड़ितों को वापस भी दिलाई गई है।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले तीन साल में करीब 1600 साइबर अपराधियों गिरफ्तार किया गया है। दौरान पश्चिम बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और गुजरात समेत कई राज्यों में फैले साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साइबर थाना पुलिस ने इस दौरान कई अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि इन कॉल सेंटरों के जरिए पीएमईजीपी योजना में सब्सिडी दिलाने, क्रूज और नेवी में नौकरी दिलाने, विदेश भेजने, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी और मोबाइल हैकिंग जैसे साइबर अपराध किए जा रहे थे। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से सोने-चांदी के सिक्कों की अवैध खरीद-फरोख्त के मामले भी सामने आए।
नैनीताल बैंक हैकिंग में 16 करोड़ की ठगी का खुलासा
जुलाई 2024 में साइबर अपराधियों ने नैनीताल बैंक के सर्वर को हैक कर करीब 16 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए थे। साइबर पुलिस ने डिजिटल ट्रेल, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और नेटवर्क फॉरेंसिक की मदद से मामले का खुलासा किया। इस मामले में एक नाइजीरियन नागरिक समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और धनराशि बरामद की गई।
विदेशी भुगतान धोखाधड़ी में पूरी रकम वापस
दिसंबर 2024 में एक कंपनी को यूके स्थित वेंडर के नाम से फर्जी ई-मेल भेजकर 1.55 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते कंपनी की पूरी रकम वापस कराई गई। इसी तरह फरवरी 2025 में जर्मनी स्थित वेंडर के नाम से फर्जी ई-मेल भेजकर 5.07 करोड़ रुपये की अंतरराष्ट्रीय फिशिंग धोखाधड़ी की गई। जांच के बाद पुलिस ने पूरी रकम पीड़ित कंपनी को वापस दिलाई।
करोड़ों की निवेश ठगी टली
साइबर क्राइम यूनिट ने एक बड़े ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी गिरोह की साजिश भी नाकाम की। आई4सी और एनपीसीआई के सहयोग से संदिग्ध खातों और डिजिटल गतिविधियों की निगरानी कर तमिलनाडु, गुजरात, तेलंगाना, ओडिशा और राजस्थान के लोगों को समय रहते अलर्ट किया गया। इससे करोड़ों रुपये की संभावित ठगी होने से बच गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और पीड़ितों की रकम वापस दिलाने के प्रयास लगातार किए जाएंगे।