Noida में बेटिंग गेंम के बहाने सैकड़ों लोगों से 2.4 करोड़ की ठगी, चार गिरफ्तार
- सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर फंसाते थे लोग, 26 मोबाइल, 3 लैपटॉप और 20 सिम कार्ड बरामद, पुलिस
नोएडा के सेक्टर 79 में किराए के फ्लैट में ऑनलाइन बेटिंग के नाम पर लोगों को पैसे दोगुने करने का सपना दिखाकर ठगी करने वाले एक संगठित गैंग का सेक्टर 113 थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया पर विज्ञापन चलाकर लोगों को बेटिंग वेबसाइट और मोबाइल ऐप से जोड़ते थे। पुलिस जांच में आरोपियों के नेटवर्क से करीब 2.4 करोड़ रुपये ऑनलाइन लेनदेन के सबूत मिले हैं। जोकि झांसे में पीड़ितों से ठगी की रकम है।
आरोपियों के कब्जे से 3 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, 5 एटीएम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पकड़े गए सभी आरोपी और मुख्य सरगना आंध्र प्रदेश निवासी है। जोकि फरार है।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि सेक्टर 113 थाना पुलिस को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना मिली थी कि सेक्टर-79 स्थित एक बिल्डिंग के फ्लैट में ऑनलाइन बेटिंग के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है। इन लोगों के खिलाफ शिकायते भी मिली। गुरुवार को पुलिस ने छापेमारी की। यहां से साई कुमार, पंडाला सतीश, पांडुरंगा और उदयकुमार को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी मूल रूप से साई तेलंगाना और बाकी के तीनों आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं और फिलहाल सेक्टर-79 में किराये पर रह रहे थे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से झांसे में आए व्यक्तियों को बेटिंग गेम में पैसा लगाने पर कम समय में दोगुना मुनाफा होने का लालच देते थे।इसके बाद उन्हें ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट vlbook247.co और उससे जुड़े मोबाइल ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराया जाता था। शुरुआत में कुछ लोगों को मामूली फायदा दिखाकर भरोसा जीता जाता था, लेकिन बाद में बड़ी रकम निवेश कराने के बाद उनसे संपर्क तोड़ लेते थे। चोरों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
लक्ष्मी ट्रेडर्स से खुले बैंक अकाउंट में मंगवाते थे रकम
पुलिस को आरोपियों के कब्जे से मिले लैपटॉप और मोबाइल फोन की जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच के दौरान लक्ष्मी ट्रेडर्स नाम के एक बैंक खाते के जरिए रुपये मंगाते थे। जिनके लेनदेन के रिकॉर्ड मिले हैं। पुलिस को विभिन्न लोगों के साथ साइबर ठगी किए जाने के भी साक्ष्य मिले हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया और इसके तार किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं। बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
कॉल पर पूरा सेटअप हुआ तैयार, सरगना कभी नहीं आया सामने
पुलिस ने बताया कि मुख्य सरगना आंध्र प्रदेश का रहने वाला है। उसका नाम पवन है। नोएडा में पूरा नेटवर्क पंडाला संभाल रहा था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि किसी शख्स के माध्यम से कुछ दिनों पहले पवन से उसकी फोन पर बातचीत हुई थी। सरगना ने पूरा सेटअप लगाने के लिए रुपये की व्यवस्था करने की बात कही। साथ ही ग्राहक भी उपलब्ध कराने के लिए बोला। इसके बाद पंडाला के पास बाकी के तीनों लड़के भेज गए। आरोपी नोएडा में आने के बाद किराए पर फ्लैट लिए, पार्सल के माध्यम से उन्हें सिम, मोबाइल, लैपटॉप और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए।
हिंदी आती टूटी फूटी, अंग्रेजी बोलेत हैं फर्राटा
पुलिस ने बताया कि चारों आरोपी टूटी-फूटी हिंदी बोलते हैं, बल्कि अंग्रेजी और अपनी स्थानीय भाषा बोलने में एक्सपर्ट हैं। जांच में सामने आया है कि ये अक्सर पढ़े-लिखे और नोएडा-दिल्ली, गुड़गांव, मुंबई, तेलगाना, आंध्र प्रदेश के लोगों को टारगेट करते थे। अंग्रेजी और तमिल भाषा में विज्ञापन निलाकलते थे। इसके बाद उन्हें बेंटिग गेंग में रुपये लगाने का लालच दिया जाता था।