गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने निकले शंकराचार्य, खेरेश्वर मंदिर में किया जलाभिषेक
गौ रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा के 81 दिवसीय यात्रा में शिवराजपुर पहुंचे, भक्तों ने स्वागत किया
Mediawali news, कानपुर
गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने की मांग को लेकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज अपनी 81वीं दिवसीय “गविष्ठी गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा” के तहत सोमवार को बिठूर से मैनावती मार्ग होते हुए बर्राजपुर स्थित ब्रह्मेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां शिवराजपुर के पूर्व चेयरमैन विनोद कुमार तिवारी सहित स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। ब्रह्मेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने के बाद शंकराचार्य प्राचीन खेरेश्वर मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर विधि-विधान से जलाभिषेक किया और जनकल्याण की कामना की।
इस दौरान शंकराचार्य ने कहा कि उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौ माता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाना है। इसके लिए वह प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चला रहे हैं। उन्होंने गौ सेवकों और श्रद्धालुओं से इस मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया, ताकि इसे एक व्यापक जन आंदोलन का रूप दिया जा सके। उन्होंने बताया कि गौ रक्षा और गौ संवर्धन के लिए वह उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे और लोगों को इस अभियान से जोड़ेंगे।
खेरेश्वर मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर मंदिर के महंत वीरेंद्र पुरी, पुजारी मनोज गोस्वामी, रवि कार्तिकेय शुक्ला, मानु त्रिपाठी, पुष्पेंद्र सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान गौ रक्षा और सनातन परंपराओं के संरक्षण का संदेश भी दिया गया।