Cyber Fraud: 50 हजार के बदले मजदूर का बैंक खाता ठगों को सौंपने वाला कैब ड्राइवर गिरफ्तार

- लेबर चौक के मजदूरों से बातचीत कर उन्हें झांसे में लेता था, अब तक 12 बैंक खाते साइबर ठगों को दिया

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Mediawali news, Noida
Cyber Fraud: दिल्ली-एनसीआर में मजदूरों और अन्य लोगों को रुपये का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाने और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने वाले एक युवक को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह आरोपी अब तक 12 बैंक खाते साइबर गिरोहों को बेच चुका है। वहीं इसके बैंक खाते में नोएडा से जुड़ी 1.29 करोड़ रुपये की ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। इसी मामले में पुलिस ने उसे पकड़ा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के बैंक खाते के खिलाफ 13 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने इसके पास से दो मोबाइल बरामद किए हैं। इसके वॉट्सऐप चैट ठग और अन्य लोगों से बातचीत की जानकारी मिली है। पुलिस आरोपी के अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि आरोपी की पहचान दिल्ली के निहाल विहार निवासी 21 वर्षीय आकाश के रूप में हुई है। उसने पुलिस पूछताछ में बताया किय वह कैब चालाक है। छह महीने पहले उसकी मुलाकात दिल्ली में एक व्यक्ति से हुई, जिसने उसे बैंक खाता उपलब्ध कराने के बाद में कमीशन देने का आफर दिया। इसके बाद वह कैब चलाने के दौरान लेब चौक पर रेकी कर मजदूरों को झांसे में लेने लगा। साथ ही आरोपी ड्राइवर और अपने अन्य साथियों के नाम पर बैंक खाता खुलावर साइबर अपराधियों को सौंप दिया।

अब तक इसने 12 अकाउंट ठगों को देने की बात कबूली है। साथ ही स्वीकार किया कि वह लोगों को बैंक खाते खुलवाने के लिए तैयार करता था और फिर उन खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल नंबर साइबर अपराधियों को सौंप देता था। इसके बदले उसे मोटी रकम मिलती थी। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी जैसे मामलों में रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

Cyber Fraud: बैंक मैनेजर से डिजीटल अरेस्ट मामले से जुड़ा नाम

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा सूरजपुर निवासी 72 वर्षीय सेवानिवृत्त बुजुर्ग बैंक मैनेजर दिलीप कुमार दास को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1.29 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया था। इसमें कुछ ठगी की रकम आरोपी के खाते में ट्रांसफर हुई थी। इसके बाद पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उसे पकड़ा है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। मोबाइल की जांच में कई अहम सुराग मिले हैं। वॉट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में मजदूरों और दूसरे लोगों से बैंक खाते खुलवाने को लेकर बातचीत के प्रमाण मिले हैं। पुलिस अब इन चैट्स के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

कर्नाटक, हरियाणा, गुजरात से बैंक खातों के खिलाफ दर्ज कराई केस

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के बैंक खाते के खिलाफ साइबर क्राइम पोर्टल पर कुल 13 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें कर्नाटक से चार, महाराष्ट्र से तीन, केरल से दो, जबकि तेलंगाना, हरियाणा और गुजरात से एक-एक शिकायत शामिल है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से साइबर अपराधियों के संपर्क में था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के जरिए खुले अन्य बैंक खातों का इस्तेमाल किन-किन मामलों में हुआ और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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Saurabh Yadav
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