ईरान में अमेरिका के नए हवाई हमले, सैन्य ठिकाना बना निशाना; कई ड्रोन भी मार गिराए
होर्मुज स्ट्रेट के पास बढ़ा तनाव, अमेरिका ने की नई सैन्य कार्रवाई
Mediawali news
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिका ने बुधवार रात ईरान के एक सैन्य ठिकाने पर नए हवाई हमले किए। अमेरिका अधिकारियों के अनुसार यह हमला उस ठिकाने पर किया गया, जिसे अमेरिका सेना और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा माना जा रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका सेना ने इस दौरान कई ईरानी ड्रोन भी मार गिराए। अधिकारियों का कहना है कि ये ड्रोन अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और समुद्री जहाजों के लिए संभावित खतरा बन सकते थे। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
अमेरिका अधिकारी ने दी जानकारी
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, एक अमेरिका अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि यह सैन्य कार्रवाई पहले सार्वजनिक नहीं की गई थी। अमेरिका का कहना है कि यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया और इसका उद्देश्य अपने सैनिकों तथा समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। अधिकारी ने बताया कि अमेरिका सेना को इन सैन्य ठिकानों और ड्रोन गतिविधियों से खतरे की आशंका थी। इसी वजह से त्वरित कार्रवाई करते हुए एयर स्ट्राइक की गई।
तीन महीने से जारी है संघर्ष
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव पिछले तीन महीनों से लगातार बढ़ रहा है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद हालात और गंभीर हो गए थे। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच लगातार सैन्य गतिविधियां बढ़ती रही हैं। इस संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की मौत होने की खबरें सामने आ चुकी हैं। वहीं, इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। खासतौर पर कच्चे तेल और ऊर्जा कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिका राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार को ईरानी मीडिया की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि ईरान और ओमान मिलकर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजरानी का प्रबंधन करेंगे। ट्रंप ने साफ कहा कि यह समुद्री मार्ग पूरी तरह खुला रहेगा और अमेरिका किसी भी कीमत पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है और इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सोमवार को भी अमेरिका ने किए थे हमले
इससे पहले सोमवार को भी अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी। अमेरिकी सेना ने इसे “रक्षात्मक कार्रवाई” बताया था। अमेरिका के सेंट्रल कमांड के अनुसार उस दौरान बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं और मिसाइल लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया गया था। हालांकि ईरान ने इन हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन बताया था। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका लगातार तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
वैश्विक बाजार और सुरक्षा पर असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। इसके साथ ही वैश्विक समुद्री व्यापार और सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।