मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: गरीब बेटियों की शादी का खर्च उठाएगी योगी सरकार
कानपुर में 1534 विवाह कराने का लक्ष्य
Mediawali news, kanpur
योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बन रही है। आर्थिक तंगी की वजह से जिन परिवारों को बेटियों की शादी में परेशानी होती है, अब सरकार उनकी मदद करेगी। कानपुर नगर में इस योजना के तहत बड़े स्तर पर सामूहिक विवाह समारोह की तैयारी शुरू हो गई है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आवेदन, सत्यापन और विवाह आयोजन की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समारोह को गरिमापूर्ण, भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाए, ताकि पात्र परिवारों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
एक लाख रुपये प्रति जोड़े पर खर्च करेगी सरकार
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में कानपुर नगर को 1534 विवाह कराने का लक्ष्य मिला है। अब तक कुल 542 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें 509 आवेदन ग्रामीण क्षेत्रों से और 33 आवेदन शहरी क्षेत्रों से आए हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रति जोड़ा एक लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 60 हजार रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाएंगे। इसके अलावा 25 हजार रुपये की गृहस्थी और विवाह उपहार सामग्री दी जाएगी। वहीं भोजन, पंडाल, फर्नीचर, बिजली, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं पर 15 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
नवविवाहित जोड़ों को मिलेगा घरेलू सामान
सरकार की ओर से नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी शुरू करने के लिए जरूरी सामान भी दिया जाएगा। योजना के तहत साड़ी, कपड़े, चांदी की पायल और बिछिया, डिनर सेट, कुकर, कढ़ाही, ट्रॉली बैग, वैनिटी किट, सीलिंग फैन, आयरन प्रेस, कूल केज, कंबल, गद्दा, तकिया और बेडशीट जैसी सामग्री दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि गरीब परिवारों की बेटियों को शादी के बाद जरूरी घरेलू सामान के लिए परेशान न होना पड़े।
किन परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ?
- योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है। कन्या के अभिभावक उत्तर प्रदेश के मूल निवासी होने चाहिए, जबकि वर भारत का नागरिक होना जरूरी है।
- विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है।
- इस योजना में गरीब, निराश्रित और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं के पुनर्विवाह को भी योजना में शामिल किया गया है।
दिव्यांग और निराश्रित परिवारों को प्राथमिकता
सरकार ने योजना में विशेष वर्गों को प्राथमिकता देने का प्रावधान भी किया है। निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांग अभिभावक की बेटी और स्वयं दिव्यांग कन्या को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
ऑनलाइन करना होगा आवेदन
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। आवेदन मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना पोर्टल पर किए जा सकते हैं।
- विवाह तिथि से एक सप्ताह पहले तक जनसुविधा केंद्र, लोकवाणी केंद्र, इंटरनेट कैफे या अन्य ऑनलाइन माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है।
- आवेदन के बाद आय, जाति, उम्र और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाती है। इसके बाद बीडीओ, ईओ या नगर निगम स्तर पर भौतिक सत्यापन कराया जाता है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना में आवेदन करने के लिए जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो और आधार से लिंक मोबाइल नंबर जरूरी होगा। आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल रिकॉर्ड, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड और आधार कार्ड मान्य होंगे।
क्या बोले डीएम?
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी सहायता साबित हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को योजना का लाभ दिलाने में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। बैठक में अभिनव जैन, अनुभव सिंह सहित सभी खंड विकास अधिकारी और नगर निकायों के अधिकारी वर्चुअल रूप से शामिल हुए। वहीं समाज कल्याण अधिकारी बीरपाल भी बैठक में मौजूद रहे।