नेपाल में सरकार के खिलाफ बढ़ता विरोध, कई मुद्दों पर सड़कों पर उतरे लोग
Mediawali news
नेपाल में नई सरकार बनने के कुछ ही हफ्तों बाद उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में छात्र, राजनीतिक दल और आम नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं। सरकार के हालिया फैसलों और विवादों ने मिलकर इस असंतोष को और बढ़ा दिया है।
टैक्स बढ़ोतरी बना सबसे बड़ा मुद्दा
प्रदर्शन का सबसे बड़ा कारण भारत से आने वाले सामान पर बढ़ाई गई कस्टम ड्यूटी है। सरकार ने 100 रुपये से अधिक कीमत वाले सामान पर अनिवार्य शुल्क लागू कर दिया है।
सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से सीमा पार खरीदारी पर निर्भर हैं, और इस फैसले से उनकी रोजमर्रा की जरूरतों पर असर पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह नीति आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
छात्र संगठनों पर सख्ती से बढ़ी नाराजगी
दूसरा बड़ा मुद्दा छात्र संगठनों को लेकर सरकार का सख्त रवैया है। सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और सख्ती के कारण छात्रों में गहरी नाराजगी है।
छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार संवाद के बजाय दबाव की नीति अपना रही है। देशभर में हजारों छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। कई जगह छात्र स्कूल यूनिफॉर्म में सड़कों पर उतरे, जिससे यह साफ है कि आंदोलन तेजी से फैल रहा है।
गृह मंत्री पर आरोपों से बढ़ा विवाद
सरकार की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब गृह मंत्री सुदन गुरंग पर गंभीर आरोप लगे। उन पर आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के आरोप हैं।
विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों ने उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी है, जिससे राजनीतिक माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।
बढ़ता असंतोष और आगे की चुनौती
नेपाल में मौजूदा हालात सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। आर्थिक फैसलों, छात्र विरोध और नेताओं पर लगे आरोपों ने मिलकर सरकार की साख पर असर डाला है।
आने वाले दिनों में सरकार इन मुद्दों को कैसे संभालती है, इस पर देश की राजनीतिक स्थिति काफी हद तक निर्भर करेगी।