Noida: पुलिस उग्र प्रर्दशन का डीजिटल जांच से जुटा रही जानकारी
- चिन्हिंत (X) हैंडल्स के डिजिटल ट्रेल की जांच उत्तर प्रदेश एसटीएफ की तरफ से की जाएगी
Mediawali news, नोएडा
नोएडा में सोमवार को हुए उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने अब असामाजिक तत्वों की जांच शुरू कर दी है। आशंका है कि कुछ लोग भीड़ में घुसे और प्रर्दशनकारियों को आगजनी और पत्थरबाजी करने के लिए उकसाया। इसके बाद प्रदर्शन हिंसा में तबदिल हो गया। पुलिस के अब तक के जांच में प्रदर्शन को उग्र दिखाने के लिए पिछले 24 घंटे के अंदर 50 (X) हैंडल्स बनाए जाने के सबूत मिले हैं। साथ ही अफवाह फैलाने वाले कुछ वॉट्सऐप ग्रुप आइडेंटिफाई किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी डिटेल में जानकारी दी जाएगी। वहीं सेक्टर 63 और फेज टू थाने में दो एक्स (X) हैंडल्स के खिलाफ अफवाहें फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इन सभी (X) हैंडल्स के डिजिटल ट्रेल की जांच उत्तर प्रदेश एसटीएफ की तरफ से की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नोएडा में श्रमिकों से जुड़े मुद्दे को लेकर बाहरी लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने और नैरेटिव को बढ़ावा दिया है। पुलिस की पहली जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित षड्यंत्र की ओर संकेत करता है। वहीं गौतमबुद्ध कमिश्नरेट पुलिस हिस्ट्री सीटर और गुंडा एक्ट लगे हुए बदमाशों की पहचान कर रही है। कहीं वो लोग भी प्रदर्शन में शामिल तो नहीं थे। पुलिस का दावा है कि कॉल सेंटर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) और वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए कर्मचारियों को भड़काया गया।
इतना ही नहीं, पिछले 24 घंटे में करीब 50 नए एक्स अकाउंट बनाकर प्रदर्शन को उग्र दिखाने और कर्मचारियों की मौत व घायल होने जैसी अफवाहें फैलाने की कोशिश की गई। पुलिस अधिकारियों से पूछा गया कि ज्यादातर कर्मचारी एक्स (X) का इस्तेमाल नहीं करते, तो उन्हें वहां से कैसे भड़काया गया, इस पर पुलिस ने बताया कि सोमवार को प्रदर्शन के दौरान लगातार फोटो और विडियो एक्स अकाउंट्स से अपलोड किए जा रहे थे। इन पोस्ट में भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया और कर्मचारियों की मौत व घायल होने जैसी अफवाहें लिखी गईं। जिससे देश और प्रदेश के लोगों को गलत सूचना पहुंचाई जा रही थी।
इससे और भी भीषण हिंसा बढ़ सकती थी। वहीं पुलिस के मुताबिक इन पोस्ट को बाद में वॉट्सऐप ग्रुप और ऑडियो मैसेज के जरिए कर्मचारियों तक पहुंचाया गया। इससे प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ा और माहौल तनावपूर्ण होता गया। पुलिस का कहना है कि कुछ ऑडियो और मैसेज भी मिले हैं। जिसमें कर्मचारियों को उग्र होने के लिए उकसाये जाने को इसारा कर रहा है।
कई ऑडियो और वॉट्सऐप ग्रुप के चैट वायरल
पुलिस को एक वॉट्सऐप ग्रुप पर चैट मिला है। जिसमें लिखा है कि बाई सब लोग कहां हो। सब लोग रात का इंतजार करो, इसके बाद कंपनी में आग लगा दो। देखते हैं रामत में पुलिस क्या करेगी। कपड़े में पेट्रोल डालो और आग लगा दो। कम से कम 10 बोतल पेट्रोल लेकर कंपनी की तरफ फेंको। ठेके से बियर की बोतल लेकर आना और पेट्रोल भरकर आग लगा कर फेंको। कंपनी में धमाका कर दो और जला दो। वहीं सेक्टर 82 रिचा ग्लोबल गारमेंट्स कंपनी में सोमवार को प्रदर्शन के दौरान इसी तरह प्रदर्शनकारियों ने गुस्से में आकर तोड़फोड़ और आगजनी की।
जब तक हमारी सुनवाई नहीं होती, हड़ताल चलेगी
इसी तरह एक सोशल मीडिया के अकाउंट मैसेज पर बातचीत के चैट वायरल हो रहा है। जिसमें लिखा गया है कि भाई लाठी लेकर नहीं साथ में मिर्ची पाउडर लेकर चलो। साथ ही मैसेज में अपील किया गया है कि सभी भाइयों और बहनों से अपील है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचे। इसके बाद उसी मैसेज चैट में कई ऑडियो भी मिले हैं। पुलिस अब इस डीजिटल डेटो को खंगाल रही है कि कौन लोग है जो ऐसे मैसेज वॉट्सऐप ग्रुपों में भेजे हैं।